• Sat. Mar 7th, 2026

छेड़खानी के मामले में ग्रामीणों ने निर्माणधीन नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज में जमकर काटा बवाल, जिला प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों ने सिक्योरिटी गार्ड को पीटा, 5 से 6 व्यक्ति गंभीर रूप से हुए घायल, एसडीओ पारुल सिंह ने सूझबूझ से किया कार्य

Subhasish Kumar's avatar

BySubhasish Kumar

Jan 9, 2024

आदित्यपुर : बीती रात सोमवार के दिन आदित्यपुर थाना क्षेत्र के निर्माणधीन नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मजदूरों के साथ हुई घटना से मजदूरों से लेकर मालिक को झंझोड़ कर रख दी है. ग्रामीणों का आक्रोश इतना ज्यादा फूटा की मजदूरों से लेकर सिक्योरिटी गार्ड इसका शिकार हुए. जिसमें कुछ मजदूरों के सर,पाँव एवं शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटे आई. वही एक व्यक्ति की हाथ भी तोड़ दी गई हैं. घटना इतना भयावह था कि जिला प्रशासन के सामने ही कई सारी घटनाओं को अंजाम दिया गया है. ग्रामीणों ने लाठी, डंडे एवं लोहे का सरिया के सहारे मजदूरों एवं सिक्योरिटी गार्ड्स को पीट कर घायल कर दिए है. सूत्रों की माने तो जिसमें एक मजदूर को ग्रामीणों द्वारा रात्रि समय बंधक भी बना दिया गया था जिसे बाद में छोड़ दिया गया है.

सूचना पर पहुंची एस डी ओ पारुल सिंह, सूझबूझ से किया गया कार्य

हथियाडीह इंडस्ट्रियल पार्क में निर्माणाधीन नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज अस्पताल में निर्माण कार्य पर ग्रामीणों ने रोक लगाते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गए थें. ग्रामीण बीती रात महिला बेहुला देवी के साथ छेड़खानी करने वाले मजदूरों को गिरफ्तार करने, बाहरी मजदूरों को काम से हटाने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग पर अड़े हैं. सूचना पर पहुंची एसडीएम पारुल सिंह, सहित आदित्यपुर, गम्हरिया आरआईटी सहित अन्य थानों की पुलिस ग्रामीणों को समझा कर भेजा.

क्या था मामला

आदित्यपुर थाना क्षेत्र के हथियाडीह इंडस्ट्रियल पार्क में निर्माणाधीन नेताजी सुभाष अस्पताल के मजदूरों पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए बीती रात ग्रामीणों ने धावा बोल दिया. मामला इतना बिगड़ा कि सैकड़ों की संख्या में ग्रमीण हरवे- हथियार के साथ कैंपस में दाखिल हो गए और छेड़खानी के आरोपियों को ढूंढने लगे.

उधर मामले की जानकारी मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले को सुलझाने में जुट गई, मगर तबतक हालात बेकाबू हो चुके थे. उसके बाद डीएसपी हेडक्वार्टर चंदन वत्स, चांडिल एसडीपीओ संजय कुमार सिंह, गम्हरिया थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे, कांड्रा थाना प्रभारी पास्कल टोप्पो, गम्हरिया बीडीओ प्रवीण कुमार नीमडीह, कपाली सहित अन्य थाना प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह ग्रामीणों के आक्रोश को शांत कराने में जुट गए. हालांकि उग्र ग्रामीणों ने पुलिस की मौजूदगी में गार्ड की बेरहमी से पिटाई कर दी. वैसे गनीमत रही कि किसी तरह से गार्ड को बचाया जा सका. बताया जा रहा है कि सोमवार की शाम हथियाडीह की पांच-छः महिलाएं काम से लौट रही थी. इस दौरान निर्माणाधीन अस्पताल के कुछ मजदूरों ने महिलाओं के साथ छेड़खानी कर दी. नाराज महिलाएं जब अस्पताल के गेट पर पहुंची तो गार्ड ने अंदर प्रवेश करने से मना कर दिया. उसके बाद महिलाएं उग्र हो गयी और गांव में जाकर इसकी जानकारी दी. उसके बाद सैकड़ों की संख्या में उग्र ग्रामीणों ने हरवे- हथियार के साथ परिसर को घेर लिया और देखते ही देख हो गए.

मुर्शिदाबाद के मजदूरों का विरोध

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उक्त अस्पताल के निर्माण में मुर्शिदाबाद के मजदूरों से काम लिया जा रहा है, जो आए दिन सड़क पर आती-जाती महिलाओं एवं छात्राओं के साथ छेड़खानी करते हैं. इनमें से ज्यादातर मजदूर नाबालिग हैं.

जेबीकेएसएस के कार्यकर्ता रहे सक्रिय

इस दौरान जेबीकेएसएस के प्रेम मार्डी सहित अन्य कार्यकर्ता सक्रिय नजर आए. सभी आरोपियों को ग्रामीणों के हवाले करने और परिसर में मौजूद मजदूरों को बाहर करने की मांग करते नजर आए. विदित हो कि हाल के दिनों में हथियाडीह के इंडस्ट्रियल पार्क में बन रहे कंपनियों और कंस्ट्रक्शन में दखलंदाजी करते देखे जा रहे हैं. जमना ऑटो का विवाद अभी थमा नहीं है कि एकबार फिर से नेताजी सुभाष अस्पताल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है.
दोनों पक्षों के तरफ से दर्ज हुआ एफआईआर

हंगामा की सूचना मिलते ही डीएसपी हेड क्वार्टर चंदन कुमार वत्स मौके पर पहुंचे और पीड़ित महिलाओं के साथ वार्ता के बाद बेहुला देवी से आवेदन प्राप्त कर कर आरोपियों की शिनाख्त करने का निर्देश दे दिया है.

उधर घटना को लेकर नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी मामला दर्ज कराया गया है. बता दे कि ग्रामीणों के हमले में आधा दर्जन मजदूर घायल हुए हैं इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी का इलाज चल रहा है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. इस बीच मंगलवार को ग्रामीणों ने फिर से संस्थान के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है. हालांकि एसडीओ के आश्वासन के बाद ग्रामीण वापस लौट गए हैं. आगे देखना यह दिलचस्प होगा कि ग्रामीणों का अगला कदम क्या होता है. वैसे इस पूरे प्रकरण के बाद हथियाडीह इंडस्ट्रियल पार्क के कंपनी मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है.


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *