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खुद को बताता था मंत्री का ओएसडी, सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर की एक करोड़ 55 लाख रुपये की ठगी

ByAdmin Office

Apr 29, 2023

रायपुर। मंत्री का ओएसडी बनकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपित रोशन लाल मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित कई लोगों से सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर एक करोड़ 55 लाख रुपये की ठगी की है।

आरोपित मंत्रियों के कार्यक्रम में जाता था। उनके आस-पास रहता था। इसके बाद उस क्षेत्र के लोगों को अपने झांसे में लेता था। सभी को खुद को मंत्री को ओएसडी बताकर रखा था। आरोपित के रहन-सहन को देखते हुए सभी उसके झांसे में आ जाते थे। वहीं राेशन की पत्नी डा. टंकेश्वरी समुंद मिश्रा के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।

समुंद आयुर्वेद विभाग में सरकारी होम्योपैथी डाक्टर हैं जो जिला महासमुंद में पदस्थ है।

दरअसल, मुजगहन थाने में प्रार्थी झामन लाल निर्मलकर ने रोशन लाल और उसकी पत्नी डा. टंकेश्वरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट के अनुसार रोशन लाल मिश्रा अपने आपको मंत्री का ओएसडी बताकर शासन के पुलिस विभाग में एसआइ पद, मंत्रालय में प्यून पद, जल संसाधन में सहायक ग्रेट-3 के पद पर नौकरी दिलवाने की बात कही। झामन और रोशन लाल पड़ोसी हैं। जिसकी वजह से प्रार्थी ने आरोपित के बातों का विश्वास कर लिया।

प्रार्थी ने अपने भतीजे एवं रिश्तेदार साथ ही पहचान वाले महेंद्र निर्मलकर, ओमेंद्र कुमार, यशु कुमार, अमित निर्मलकर, जगदीश प्रसाद, कृष्णाए डिगेश, अजय कुमार, ढाल सिंग, पृथ्वीराज की नौकरी लगाने की बात की। विश्वास में आकर कहे अनुसार रोशन लाल मिश्रा के खाता में अपने इंडूसलैंड बैंक के खाता से पांच लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर किया। फोन पे 6.50 लाख, कोटक महेंद्र बैंक के खाता से एक लाख 50 हजार रुपये एवं नकद 15 लाख रोशन लाल की पत्नी डा. टंकेश्वरी समुंद को दिया। लेकिन पैसे लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगी।

डा. चरणदास महंत और ज्योत्सना का ओएसडी बताकर ठगी

डा. टंकेश्वरी समुंद मिश्रा एवं रोशन लाल मिश्रा द्वारा मिलकर नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की। टंकेश्वरी का पति रोशन लाल मिश्रा, दोनों के द्वारा अपने आपको डा. चरणदास महंत एवं ज्योत्सना महंत का ओएसडी बताकर सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लिए गए। चम्पी निर्मलकर, झामन लाल निर्मलकर एवं अमित कुमार निर्मलकर को जल संसाधन विभाग में सहायक ग्रेड 3 के पद के लिए 5.5 लाख कुल 15 लाख रुपये लिए गए। चम्पा निषाद को भृत्य के पद के लिए तीन लाख, सुजाता सालूंके को अर्ली स्टडी में पार्टनर बनाने के लिए 10 लाख रुपये। जैन कुमार जटवार, राकेश कुमार, अरूण कुमार आदित्य, दीपक जाहिरे एवं शिखा चन्द्रा को पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर पद के 5.5 लाख, कुल 25 लाख रुपये लिए। इस तरह से कई लोगों से शिकायत मिली कि टंकेश्वरी समुंद एवं उसका पति रोशन लाल मिश्रा द्वारा नौकरी लगाने के नाम से एक करोड़ 55 लाख रुपये ले लिए गए।


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