
प्रयागराज :- उत्तर प्रदेश को झकझोर देने वाला संगम नगरी का उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रहे बमबाज गुड्डू मुस्लिम की ओडिशा में लास्ट लोकेशन मिली है।
बताया जा रहा है कि ओडिशा के पुरी में गुड्डू मुस्लिम छिपा था। असद अहमद और शूटर गुलाम का एनकाउंटर होने के बाद गुड्डू पूरी तरह अंडरग्राउंड हो गया। यूपी एसटीएफ की कई टीमें गुड्डू मुस्लिम की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
गुड्डू मुस्लिम की लास्ट लोकेशन ओडिशा में ट्रेस हुई थी। इसी दौरान असद और गुलाम को यूपी एसटीएफ ने झांसी में एनकाउंटर में ढेर कर दिया। एनकाउंटर के बाद गुड्डू पूरी तरह अंडरग्राउंड हो गया। गुड्डू मुस्लिम की तलाश में लगी यूपी एसटीएफ की टीम जैसे ही पुरी पहुंची तो गुड्डू गायब हो चुका था। गुड्डू मुस्लिम अब बहुत सतर्क हो गया है।

5 लाख का इनामी गुड्डू मुस्लिम को पकड़ने के लिए पुलिस ने नए सिरे से कार्रवाई शुरू की है। गुड्डू मुस्लिम के संपर्क में रहने वाले पुराने अपराधियों और बाहुबलियों का नेटवर्क खंगाला जा रहा है। राजधानी लखनऊ के एक रईसजादे और दो नेताओ से गुड्डू मुस्लिम सीधे संपर्क था। लखनऊ में रहने के दौरान गुड्डू मुस्लिम इसी रईसजादे के गेस्ट हाउस में रुकता था। पुलिस अब गुड्डू मुस्लिम के उन पुराने साथियों को तलाश रही है। पुलिस को शक है कि पुराने संपर्क की मदद से गुड्डू मुस्लिम अब तक बच रहा है। अतीक अहमद का सिडिंकेट नहीं, बल्कि पुराने दोस्तों की मदद से गुड्डू मुस्लिम फरारी काट रहा है। अब यूपी एसटीएफ को गुड्डू मुस्लिम का कोई फूट प्रिंट नहीं मिल रहा है। इससे पहले गुड्डू मुस्लिम की लोकेशन कर्नाटक में मिली थी।
गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद गुड्डू मुस्लिम झांसी पहुंचा था। गुड्डू झांसी में पांच दिनों तक रूका था। इसके गुड्डू मुस्लिम मेरठ गया था। 24 फरवरी की वारदात के बाद से पुलिस को गुड्डू मुस्लिम नहीं मिला। 5 मार्च के सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि गुड्डू मुस्लिम मेरठ गया था। मेरठ में माफिया अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी के घर गुड्डू मुस्लिम पहुंचा था।

आयशा के पति अखलाक ने गले लगाकर गुड्डू मुस्लिम का स्वागत किया था।इसके बाद से गुड्डू मुस्लिम का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। गुड्डू मुस्लिम का कर्नाटक और अब ओडिशा में लास्ट लोकेशन मिली है।
माफिया अतीक अहमद का सबसे खास गुड्डू मुस्लिम को बम बनाने का माहिर माना जाता है। लोगों ने देखा कि गुड्डू मुस्लिम उमेश पाल हत्याकांड में कैसे बमों से खेल रहा था। गुड्डू मुस्लिम पहले अतीक के गैंग में नहीं था। 15 साल की उम्र में गुड्डू मुस्लिम ने छोटी-मोटी चोरियों से जरायम की दुनिया में कदम रखा था। कुछ समय बाद बाहुबलियों की पनाह मिलने के बाद गुड्डू मुस्लिम ने बम बनाना शुरू किया। धीरे-धीरे गुड्डू मुस्लिम उत्तर प्रदेश और बिहार के कई गिरोहों के बीच बमबाज़ के नाम से मशहूर हो गया। यूपी में होने वाले हर बड़े आपराधिक मामले में गुड्डू मुस्लिम का नाम भी जुड़ने लगा। गुड्डू मुस्लिम ने कई बाहुबलियों और माफिया डॉन के साथ काम किया। गुड्डू मुस्लिम कभी श्रीप्रकाश शुक्ल की परछाईं बन गया था।गुड्डू मुस्लिम ने माफिया मुख्तार अंसारी और कई बाहुबलियों के लिए बम बनाए। दो दशक तक गुड्डू मुस्लिम पूर्वी उत्तर प्रदेश के गैंग में नामी बना रहा।
गु्ड्डू मुस्लिम सालों पहले ही जरायम की दुनिया में कदम रख चुका था। गुड्डू मुस्लिम राजधानी लखनऊ में होने वाले ठेकों के टेंडर पूल करवाने में माफियाओं की मदद करता था। एक केस में जेल में बंद गुड्डू की जमानत अतीक अहमद ने कराई थी। ज़मानत के बाद गुड्डू मुस्लिम अतीक का गुर्गा बन गया। गुड्डू मुस्लिम के तार बिहार के माफियाओं से भी जुड़े हैं। गुड्डू मुस्लिम के ज़रिए ही अतीक के रिश्ते भी बिहार के माफियाओं से बने। गुड्डू मुस्लिम ने अतीक के कई गुनाहों में अहम किरदार निभाया। उमेश पाल हत्याकांड के बाद आए सीसीटीवी फुटेज में भी गुड्डू मुस्लिम को मौक़े पर बम फेंकते हुए देखा गया था। पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम पर उमेश पाल के हत्याकांड के बाद 5 लाख का इनाम भी घोषित किया था।
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