
कानपुर पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदण्ड में कमिश्नरेट के सभी 53 थाना प्रभारियों और सभी चौकी इंचार्जों के लिए निर्देश जारी किया है. जिसमें नाइट मूवमेंट के दौरान उन लोगों की जीवन रक्षा करनी है जो सड़क पर पड़े मिल जाएं.
सड़क पर लावारिस हालत में घूम रहे या सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के आदेश दिए गए हैैं. थानेदार लकड़ी का इंतजाम कर थानाक्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अलाव का इंतजाम करेंगे. साथ ही इलाके की चाय की दुकाने रात में बंद नहीं कराई जाएंगी. थानों की हवालात में बंदियों को रात में अतिरिक्त कंबल दिए जाएंगे. बूढ़े और बीमार बंदियों को अगर किसी अपराध में पकड़ा जाएगा तो उन्हें थाने की हवालात में रखने के बजाय मुंशियाने (थाने के ऑफिस) में बिठाया जाएगा. जिससे उन पर नजर रखी जा सके. थाने में बीमार पडऩे पर बंदियों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया जा सकें.
सवारी नहीं तो पुलिस पहुंचाएगी घर
अगर आप कहीं बाहर से आ रहे हैैं और स्टेशन या बस अड्डे पर उतरे हैैं. कोहरे और ठण्ड के मौसम में सवारी नहीं मिल रही है. ऐसे हालात में आपको डॉयल-112 पर सूचना देनी होगी. सूचना पर पीआरवी या कोई पुलिस विभाग का दूसरा वाहन चलाने वाला आपसे संपर्क करेगा और घर तक छोड़कर आएगा. विभाग के कर्मियों की मानें तो इस मुहिम से रात में होने वाले अपराधों पर भी लगाम लगेगी और खराब मौसम में लोग सुरक्षित घर भी पहुंच जाएंगे. ये प्लान केवल खराब मौसम के रहते एप्लाई होगा.

मदद मांगोगे तो पीआरवी भेजेंगे
ऑनलाइन सेवा प्रदान करने वाली दो निजी कंपनियों ने नए साल पर ट््िवटर के जरिये प्रतिस्पर्धी प्रचार की जंग छेड़ी तो यूपी पुलिस भी अपनी रचनात्मकता को रोक नहीं पाई. खाकी भी इस लड़ाई में
कूदी और मदद मांगोगे, यूपी 112 पीआरवी भेजेंगेOacute; का जवाब देकर खूब प्रशंसा बटोरी. प्रशंसकों ने यूपी पुलिस के ट््वीट को बड़ी संख्या में रीट््वीट किया.

यूपी सरकार के आदेश के बाद सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैैं, जिसका सख्ती से पालन कराने के लिए भी कहा गया है. सुपरवाइजर ऑफिसर्स की देख रेख में ये ड्राइव चलाई जाएगी.
बीपी जोगदण्ड, पुलिस कमिश्नर कानपुर
ऐसे ख्याल रखेगी पुलिस
-नाइट पेट्रोलिंग के दौरान अलर्ट रहेंगे पुलिसकर्मी, रखें ख्याल
-फुटपाथ या सड़क किनारे सो रहे लोगों कको रैन बसेरा पहुंचाएंगे
-लकड़ी का इंतजाम कर विभिन्न स्थानों पर अलाव का इंतजाम करेंगे
-इलाके की चाय की दुकाने रात में बंद नहीं कराई जाएंगी.
-थानों की हवालात में बंदियों को रात में अतिरिक्त कंबल दिए जाएंगे
-बूढ़े और बीमार बंदियों को हवालात के बजाय थाने के ऑफिस में रखें
-थाने में बीमार पडऩे पर बंदियों को पास के अस्पताल में भर्ती कराएं
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