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स्वतंत्रता सेनानी सरस्वती देवी जी का पुस्तक का विमोचन मनोज नारायण भगत ने किया

ByAdmin Office

Dec 18, 2022

 

आज गुरुकुल कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर व शिक्षाविद जे पी जैन जी के उपस्थित में में एक सम्मान समारोह का आयोजन गुरुकुल कोचिंग सेंटर में किया गया सम्मान समारोह के साथ-साथ बच्चों के बीच मेडल और पुरस्कार का वितरण भी किया गया और शहर में विश्व विख्यात के रूप में अपनी प्रसिद्धि पाने वाली बिहार और झारखंड के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी श्रीमती सरस्वती देवी जी का पुस्तक का विमोचन महानगर कांग्रेस कमेटी के तेज तरार और समाजसेवा में अग्रणी भूमिका व नौजवान जुझारू कर्मठ युवा नेता मनोज नारायण भगत के हाथों से किया गया जिसमें शहर के सुप्रसिद्ध समाजसेवी के रूप में शहर में चर्चित नाम डॉ भैया असीम कुमार एक्यूप्रेशर चिकित्सक के रूप में मौजूद थे साथ में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के भूगोल शास्त्र के H.O.D भैया अनुपम सहाय भैया व नीरज कुमार सरस्वती देवी के वंशज उपस्थित थे इन्हीं वंशजों के उपस्थिति में मनोज नारायण भगत ने पुस्तक का विमोचन किया विमोचन करने के उपरांत सरस्वती देवी जी के बारे में विस्तार पूर्वक बच्चों को बताया और कहा कि इतिहास के पन्नों में इसकी जीवनी जेपीएससी परीक्षाओं में इनका जिक्र इनका प्रश्न आता है यह हम हजारीबाग वासियों के लिए काफी गर्व का विषय है कि सरस्वती देवी इसी कांग्रेस ऑफिस रोड की रहने वाली महिला थी जो आज पूरे देश में इनका नाम का परचम है इनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर आदरणीय महात्मा गांधी, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जी ,अब्दुल गफ्फार साहब जी और तमाम स्वतंत्रता सेनानी का आगमन कांग्रेस ऑफिस रोड में हुआ और यह सभी महान विभूतिया यहाँ विराम भी कर चुके हैं यह सारी बातों का जिक्र इस किताब में है जिसका विमोचन करने का मौका मुझे प्राप्त हुआ है इसके लिए मैं इनके सारे परिवार के सदस्यों को आभार प्रकट करता हूं और मैं कोशिश करूंगा कि आज से सरस्वती देवी यह की आवाज को पूरे हजारीबाग में ही नहीं झारखंड और देश के धरती पर फैलाने का काम करेंगे और इनके जन्मदिन जो 5 फरवरी को आने वाला है उस दिन इनके परिवार के तरफ से रोटी बैंक की शुरुआत जरूरतमंदों परिवारों के लिए किया जाएगा और इनके जीवनी को भी लोगो के बीच बतायेगे और साथ ही साथ इनकी प्रतिमा लगाने का अनुरोध नगर निगम के आयुक्त से मिलकर जल्द करेंगे । उपस्थित बच्चो से यह भी कहना चाहता हूं कि आने वाले दिन मैं आप लोग जो इतिहास के पन्नों में हजारीबाग के ऐसे महिला के बारे में पढ़ रहे हैं यह हम सभी लोगों के लिए गौरव की बात है उन्होंने यह भी जिक्र किया एक पहली महिला है जो 1923 ई में अंग्रेज का झंडा उतार कर भारत का झंडा लगाकर हजारीबाग में एक मिसाल कायम किया जिसके एवज में इन्हें जेल भी जाना पड़ा जेल जाने के बाद उन्होंने जेल में रहते हैं बच्चों को जन्म दिया और वह बच्चा के साथ वह जेल में बिताए और जेल में ही रहते हुए बहुत सारे आंदोलन उन्होंने किया विशुनगढ़ ब्लाक के चेयरमैन भी रह चुकी थी उन्होंने पर्दा प्रथा का भी लड़ाई लड़ा था । इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमित कुमार दांगी जी और सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे ।


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