
दरअसल, अब सरकार जीपीएस टेक्नोलॉजी से टोल कलेक्शन करने की तैयारी कर रही है. इस नए जीपीएस टोल सिस्टम के आने के बाद आपको हाइवे पर टोल प्लाजा नजर नहीं आएगा.

हाल में ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और IIM कोलकाता ने एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, टोल प्लाजा पर टोल जमा करने के लिए घंटों गाड़ियों की लाइन में लगकर खड़े रहने से करीब 1 लाख करोड़ रुपये का तेल खर्च होता है.

इसके अलावा गाड़ियों के लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से हर साल करीब 45 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता है. इस तरह देखा जाए तो कुल मिलाकर टोल प्लाजा के चलते देश को 1 लाख 45 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है.
बता दें कि पिछले साल संसदीय सत्र के दौरान केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बात की जानकारी दी थी. देश को इस आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए सरकार जल्द से जल्द जीपीएस सिस्टम लागू करने जा रही है.
इसके तहत सबसे पहले गाड़ियों के नंबर प्लेट को जीपीएस नंबर प्लेट में बदला जाएगा. आपको बता दें कि परिवहन मंत्रालय की तरफ से सभी नई गाड़ियों में जीपीएस नंबर प्लेट लगाने का आदेश दिया जा चुका है. वहीं,अब सभी पुरानी गाड़ियों में भी पुरानी नंबर प्लेट की जगह जीपीएस सिस्टम वाला नंबर प्लेट लगाया जाएगा.
जीपीएस टोल सिस्टम के जरिये आप जैसे ही टोल प्लाजा क्रॉस करेंगे, वैसे ही आपकी गाड़ी के नंबर प्लेट को स्कैन किया जाएगा. जिसके बाद आपके बैंक अकाउंट से टोल कलेक्शन की राशि काट ली जाएगी. हालांकि, इसमें आपके बैंक से सिर्फ उतने ही पैसे कटेंगे, जितनी दूरी आप अपनी यात्रा के दौरान तय करेंगे.
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