
*रांची:झारखंड में पिछले कई महीनों से ED की कार्रवाई जारी है। ईडी के रडार पर अब झारखंड पुलिस के अफसर (Jharkhand Police Officer) है। इसकी शुरुआत DSP राजेंद्र दुबे और दरोगा सरफुद्दीन से हो चुकी है। दोनों ही ईडी के सामने पेश होकर सवालों का सामना कर चुके हैं। दोनों पुलिस अफसर पंकज मिश्रा (Pankaj Mishra) से जुड़े मामले में आरोपी करार दिए गए है। इन पर आरोप है कि उन्होंने अवैध खनन में फंसे आरोपियों की मदद के लिए कानून को ताक पर रख दिया था। इस बारे में पूछने पर दोनों ने अपने ऊपर सीनियर अधिकारियों के दबाव की बात कही है। यानी अब ईडी और अफसरों को भी समन कर पूछताछ के लिए बुला सकती है। डीएसपी राजेंद्र दुबे और दरोगा सरफुद्दीन के कई सीनियर अफसर भी इस मामले में जल्दी के सामने पेश हो सकते हैं। जिनमें प्रमुख नाम साहिबगंज एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा का है। जबकि साहिबगंज के डीएसपी के रूप में पदस्थापित रहे प्रमोद मिश्रा को ईडी ने 12 नवंबर यानी कल समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया है।*
*सबसे पहला नंबर साहिबगंज के एसपी का*

*अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के चपेट में अब झारखंड पुलिस महकमा भी आ चुका है। मामले में दो डीएसपी सीधे तौर पर घिरते नजर आ रहे हैं। वहीं तीन आईपीएस भी ईडी के रडार पर है। जिन से जल्दी पूछताछ की जा सकती है। मिली जानकारी के अनुसार आईपीएस अधिकारियों में सबसे पहला नंबर साहिबगंज के एसपी का है। सूत्रों के अनुसार जल्दी अवैध खनन से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए उन्हें जारी किया जाएगा। बता दें कि ईडी को यह जानकारी मिली थी कि पंकज मिश्रा के रसूख का इस्तेमाल कर राजेंद्र दुबे ने भी काफी संपत्ति अर्जित की है। इसके बाद ईडी ने डीएसपी से उनके और उनके रिश्तेदारों के जमीन बैंक सहित कई तरह के कागजातों की डिमांड की ताकि उसकी जांच की जा सके।*

*पिछले 6 मई से कार्रवाई जारी*
*बता दें कि विगत 6 मई से ईडी झारखंड में अपनी कार्रवाई कर रही है। मनरेगा घोटाले से जुड़ा मामला अब अवैध खनन तक का सफर तय कर चुका है। इस मामले में झारखंड की तत्कालीन खान सचिव पूजा सिंघल और उनके सहयोगियों के ठिकाने पर छापेमारी की गई थी। जहां से एजेंसी को 19.41 करोड़ मिले थे। जांच के बाद ईडी ने बताया कि जब पैसों में अधिकांश राशि राज्य के बड़े राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों की है। इसके बाद 8 जुलाई को ईडी ने अवैध खनन के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और उनके सहयोगियों के ठिकाने पर छापेमारी की थी। इस मामले में 19 जुलाई को पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 25 अगस्त को सत्ता के गलियारों में चर्चित रहे प्रेम प्रेम प्रकाश और जे जयपुरिया के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान ईडी के हाथ सीएम हाउस में तैनात दो सिपाहियों के एके-47 और 60 कारतूस बरामद किए गए थे*
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