

*जयनगर :* लोक आस्था का महान पर्व छठ बिहार के साथ नेपाल में भी बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है. नेपाल के तराई से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों में भी छठ की पूजा की जाती है.नहाय खाए के साथ चार दिन का लोक आस्था का पर्व छठ शुरू हो गया है. इसकी तैयारी नेपाल में भी जोर शोर से चल रही है. छठ घाटो की साफ सफाई एवं सजाने के कार्य नेपाल के अर्धसैनिक बल के जवान कर रहे हैं.

नेपाल का एक मात्र सूर्यमंदिर
पूरे नेपाल में एक मात्र सूर्य मंदिर बीरगंज के घडीहड़वा पोखरा में स्थित है. यहां बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र सहित नेपाल के 20 जिलों से छठ व्रती घडीहड़वा पोखरा में छठ करने पहुंचती हैं. नेपाल के एक मात्र सूर्य मंदिर होने के वजह से भारत एवं नेपाल के लाखो की संख्या में श्रद्धालु बीरगंज घडीहड़वा पोखरा के छठ पूजा देखने आते है. घडीहड़वा पोखरा के छठ के महत्व को देखते हुए नेपाल अर्धसैनिक बल के जवान साफ छठ घाट के सफाई , सजावट में जुटे हैं. पहुंचते हैं 4 हजार परिवार के लोग
नेपाल एपीएफ के इंस्पेक्टर रामायण साहा ने बताया की छठ पूजा नेपाल का महान एवं बड़ा पर्व है.

पूरे नेपाल में छठ पूजा बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इसलिए हमलोग भी समाज के सहभगिता के लिए छठ घाट के साफ सफाई के लिए आए है.यहाँ पर भारत नेपाल के 4 हजार परिवार के दउरा आता है. करीब सवा लाख की संख्या में भीड़ घडीहड़वा पोखरा में पहुंचते हैं. इस पोखरे में पूजा के लिए तैयारियां जारी हैं. घाट की साफ-सफाई हो रही है.
शनिवार को खरना है, इसके बाद रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और सोमवार को ऊषा वेला में उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. दोनों ही समय छठ की अपार भीड़ देखते ही बनती है. इस पोखरे में छठ पूजा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं.
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