
नवरात्रि के अंतिम दिन पर आप सभी की पूजा संपूर्ण हो और साथ ही आपको देवी सिद्धिदात्री का आशीष प्राप्त हो, इसके लिए हम नवमी की पूजन विधि लेकर आए हैं। अगर आप अपनी पूजा को फलीफूत एवं संपूर्ण करना चाहते हैं तो इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

*इस लेख में आप जानेंगे कि-*

*नवमी तिथि का प्रारंभ और समापन कब होगा?*
इस दिन किस मुहूर्त में पूजा करें?
देवी सिद्धिदात्री का स्वरूप
देवी सिद्धिदात्री जी की पूजन विधि।
देवी सिद्धिदात्री जी की पूजा में किस मंत्र का उच्चारण करें?
देवी जी को भोग में क्या अर्पित करें?
*सबसे पहले बात करते हैं कि अष्टमी तिथि का प्रारंभ और समापन कब होगा-*
*नवमी तिथि प्रारम्भ:* 03 अक्टूबर, 2022 को दिन में 4 बजकर 37 मिनट से
*नवमी तिथि समापन:* 04अक्टूबर, 2022 को दिन में 2 बजकर 20 मिनट तक
*पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त-* दिन में 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक
*देवी जी का स्वरूप:*
कमल पुष्प पर विराजमान माँ सिद्धिदात्री की चार भुजाएं हैं, और उनका वाहन सिंह है। देवी जी के सिरपर ऊंचा मुकुट है और उनके चेहरे पर मंद सी मुस्कान है।
*इस पूजा से होने वाले लाभ:*
देवी सिद्धिदात्री, सर्व सिद्धियां प्रदान करने वाली हैं। उपासक या भक्त पर इनकी कृपा से कठिन से कठिन कार्य भी आसानी से संभव व सिद्ध हो जाते हैं। साथ ही वह हर प्रकार के भय व रोगों को भी दूर करती हैं।
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