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धनबाद उपायुक्त (DC) के लिखित आश्वासन के बाद निरसा विधायक अरूप चटर्जी और आइसा (AISA) छात्रों की भूख हड़ताल चौथे दिन समाप्त; “संघर्ष की हुई जीत”

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Nov 6, 2026
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शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनियमितताओं के खिलाफ निरसा विधायक अरूप चटर्जी और ‘आइसा’ (AISA) के छात्र नेताओं— स्नेहा, अतफ और अभिषेक द्वारा धनबाद उपायुक्त कार्यालय के समक्ष शुरू किया गया अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज चौथे दिन जिला प्रशासन के झुकने के बाद सफलतापूर्वक समाप्त हो गया।

धनबाद उपायुक्त (DC) द्वारा आंदोलनकारियों की सभी प्रमुख मांगों पर ठोस लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद यह अनशन आधिकारिक रूप से तोड़ा गया। भूख हड़ताल पर बैठे माननीय विधायक अरूप चटर्जी ने अनशन समाप्त करते हुए इसे क्षेत्र के गरीब बच्चों, छात्रों और जनता के “संघर्ष की बड़ी जीत” बताया।

आंदोलन के चौथे दिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए धनबाद जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) शालिनी डुंगडुंग स्वयं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ अनशन स्थल पर पहुंचीं। उपायुक्त (DC) के निर्देशानुसार, आंदोलनकारियों के साथ हुई वार्ता में चार महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ठोस लिखित सहमति बनी:

1. शिक्षकों की मनमानी पोस्टिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

2. विभिन्न कारणों से अन्यत्र प्रतिनियुक्त (Deputed) किए गए सभी शिक्षकों को वापस उनके मूल विद्यालय भेजा जाएगा।

3. आगामी 1 दिसंबर को जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की विशेष बैठक बुलाई गई है, जिसके तुरंत बाद स्थापना समिति की बैठक कर लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा।

4. अगले दो महीने के अंदर धनबाद जिले के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर युक्तिसंगत ढंग से शिक्षकों की नई पोस्टिंग की जाएगी।

इस लिखित समझौते और उपायुक्त के ठोस निर्णय पत्र के बाद, जिला शिक्षा अधीक्षक शालिनी डुंगडुंग, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह उपस्थित वरिष्ठ नेताओं ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी, छात्र नेता स्नेहा, अतफ और अभिषेक को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।

इससे पूर्व, आंदोलन को धार देने के लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकपा माले (CPI-ML) धनबाद जिला कमेटी द्वारा मेमको मोड़ (शहीद मनिंदर नाथ मंडल चौक) से लेकर डीसी कार्यालय तक एक ऐतिहासिक और विशाल महा-आक्रोश मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो और बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह कर रहे थे। धरना स्थल पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित करने वाली व्यवस्था के खिलाफ यह एक ऐतिहासिक आंदोलन था, जिसने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम कामरेड आगम राम

प्रखंड प्रमुख पिंकी देवी हरेंद्र सिंह, बिन्दा पासवान, बादल बाउरी, रितेश मित्रा, रामजी यादव, लेघा महतो, अतफ इमाम, , जे०के० झा , बैजनाथ जी, , श्री कान्त सिंह, राणा चटराज, गोपाल महतो, शंकर प्रमाणिक, RYA के राष्ट्रीय महासचिव नीरज शर्मा

निताई महतो, एम पाल ,डुडुन मुर्मू, गणेश महतो, विधायक प्रतिनिधि शीतल दत्ता विजय पासवान, जनार्दन प्रसाद, देवाशीष पांडे हीरालाल मोदक पशुपति महतो आमोद बावरी हारु बावरी बबलू बावड़ी पतित पावन मांझी आसित चटर्जी जय जीत मुखर्जी सोनू शर्मा सुरजीत सीमा देवी रंजीत महतो कमल रवानी रोहित महतो चंदन भूमिहार अनिल महतो राजाराम रवानी सहित सैकड़ों नेता व कार्यकर्ता उपस्थित होकर आंदोलन को मजबूती दी।


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