
रांची : आदिम डेवलपमेंट सोसायटी के सचिव बाबु राम सोरेन के नेतृत्व में सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन, रांची में झारखंड के महामहिम राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात कर संथाली भाषा एवं शिक्षा से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल के समक्ष तीन मांगें रखीं। पहली मांग, झारखंड के सरकारी विद्यालयों में संथाली भाषा के शिक्षकों की रिक्तियों पर अविलंब नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।

दूसरी मांग, झारखंड के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक संथाली भाषा का पठन-पाठन ओलचिकी लिपि में अनिवार्य रूप से शुरू किया जाए, जिससे संथाली भाषा, साहित्य एवं सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण और संवर्धन हो सके।

तीसरी मांग, झारखंड में संथाल समुदाय की बड़ी आबादी एवं संथाली भाषा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता को देखते हुए संथाली भाषा को झारखंड की प्रथम राजभाषा घोषित किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए महामहिम राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि इन सभी मामलों को संज्ञान में लिया जाएगा तथा उचित कार्रवाई के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। साथ ही, इन विषयों को झारखंड के मुख्यमंत्री के समक्ष भी प्रेषित किया जाएगा।
इस अवसर पर आदिम डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष विदेश चंद्र सोरेन, सचिव बाबु राम सोरेन, बनमाली हांसदा एवं सुदन टुडू सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
आदिम डेवलपमेंट सोसायटी ने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार संथाली भाषा के संवैधानिक, शैक्षणिक एवं भाषाई अधिकारों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक पहल करेगी।
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