
*बड़कागांव* बड़कागांव एनटीपीसी की सहयोगी कंपनी त्रिवेणी सैनिक के खिलाफ रोजगार की मांग को लेकर विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों ने सिकरी ओपी के सामने स्थित एमडीओ कॉलोनी के मुख्य द्वार तथा चमगड़ा से सोनबरसा जाने वाली सड़क पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने कंपनी में आने-जाने वाले छोटी-बड़ी वाहनों को रोक दिया, जिससे कुछ समय तक वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा रोजगार देने को लेकर बार-बार बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर उन वादों का कोई परिणाम दिखाई नहीं देता। ग्रामीणों को केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। उनका कहना है कि खनन परियोजना के कारण उनकी जमीनें चली गईं और आजीविका का साधन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में यदि कंपनी में रोजगार नहीं मिलेगा तो विस्थापित परिवार अपना और अपने बच्चों का भरण-पोषण कैसे करेंगे?

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कंपनी प्रबंधन को कई बार अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक रोजगार के मामले में ठोस पहल नहीं की गई है। केवल आश्वासन से ग्रामीणों का पेट नहीं भर सकता। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कंपनी प्रबंधन अपने वादे के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल नहीं करता और उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेता है, तो वे पुनः सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इधर, घटना की सूचना मिलने पर सिकरी ओपी प्रभारी रामकुमार राम, एसआई निरंजन प्रकाश, एसआई भावेश प्रसाद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया-बुझाया तथा शांतिपूर्ण तरीके से मामले को संभाला। इसके बाद छोटी-बड़ी वाहनों को रास्ते से निकलवाकर आवागमन सुचारू रूप से चालू कराया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन से विस्थापितों की रोजगार संबंधी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि रोजगार के रूप में अपने अधिकार का वास्तविक लाभ चाहिए।
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