
जमशेदपुर। ब्राह्मण समाज को संगठित, सशक्त और सामाजिक रूप से सक्रिय बनाने के उद्देश्य से ब्राह्मण युवा शक्ति संघ (पंजीकृत) ने झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए प्रभारियों की घोषणा की है। संघ ने सभी नवनियुक्त प्रभारियों को 15 नवंबर तक अपने-अपने जिलों में जिला संयोजक मंडली का गठन कर लोकतांत्रिक चुनाव की तिथि निर्धारित करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
संघ द्वारा घोषित जिम्मेदारियों के अनुसार सरायकेला-खरसावां जिले का प्रभारी निर्मल दीक्षित एवं विजय पाठक को बनाया गया है। बोकारो एवं धनबाद की जिम्मेदारी अभिषेक ओझा एवं दिलीप पांडे को सौंपी गई है। रांची जिले के प्रभारी अरुण शुक्ला एवं रणजीत झा बनाए गए हैं, जबकि हजारीबाग की जिम्मेदारी अप्पू तिवारी एवं संतोष जोशी संभालेंगे।

इसी प्रकार गढ़वा जिले का दायित्व अंकित आनंद एवं पवन ओझा, पलामू का दायित्व सूरज ओझा एवं सुशील पांडेय, चक्रधरपुर का दायित्व कमलेश दुबे एवं पप्पू मिश्रा तथा गुमला जिले की जिम्मेदारी राजेश त्रिपाठी एवं हृतिक चौबे को दी गई है। वहीं जमशेदपुर में सुनील शर्मा एवं ध्रुव मिश्रा जिला प्रभारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।

ब्राह्मण युवा शक्ति संघ के संयोजक अप्पू तिवारी ने बताया कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को पद देना मात्र नहीं, बल्कि ब्राह्मण समाज के प्रत्येक वर्ग को संगठन से जोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था के माध्यम से नेतृत्व तैयार करना है। संघ का प्रयास है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी का निर्धारण आपसी सहमति एवं लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के आधार पर हो। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचित जिला प्रतिनिधियों की सहभागिता से प्रदेश स्तरीय कमिटी का गठन किया जाएगा। इससे संगठन को जमीनी स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूत संरचना प्रदान की जाएगी।बअप्पू तिवारी ने कहा कि ब्राह्मण युवा शक्ति संघ का मूल विचार सामाजिक एकता, शिक्षा, संस्कार, सेवा, स्वाभिमान और समाज के जरूरतमंद परिवारों के सहयोग को मजबूत करना है। संगठन का उद्देश्य समाज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना है। समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को संगठनात्मक स्तर पर सहयोग प्रदान करने की दिशा में भी संघ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज की एकजुटता तभी सार्थक होगी जब संगठन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर समाजहित को प्राथमिकता दे। संघ सभी जिलों में पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करते हुए समाज के लोगों को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव को प्रदेश स्तरीय स्वरूप में भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों की कमिटियों को अभी से तैयारी शुरू करने तथा अधिक से अधिक समाज के लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का आह्वान किया गया है।
संघ ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में झारखंड के शेष जिलों में भी संगठन का विस्तार किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से जिला इकाइयों का गठन एवं चुनाव कराया जाएगा।
“संगठन में व्यक्ति से बड़ा समाज और पद से बड़ा दायित्व है। हमारा संकल्प लोकतांत्रिक व्यवस्था के माध्यम से ब्राह्मण समाज को एक सूत्र में जोड़ना और नई पीढ़ी को सामाजिक नेतृत्व के लिए तैयार करना है।”
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