
जमशेदपुर। मन की शांति, मानसिक तनाव से मुक्ति तथा आध्यात्मिक सुख एवं शांति के उद्देश्य से बोधि सोसाइटी, बौद्ध विहार, साकची, जमशेदपुर की ओर से 10 दिवसीय विपश्यना ध्यान शिविर का उद्घाटन गुरुवार को बौद्ध विहार में हुआ। यह शिविर 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्वागत भाषण जमशेदपुर बोधि सोसाइटी के महासचिव साधन बरुआ ने दिया। शिविर का संचालन संयुक्त राज्य अमेरिका से प्रशिक्षित विपश्यना ध्यान आचार्य पराग पटेल तथा कोलकाता से सहायक आचार्य डॉ. तापस बरुआ के मार्गदर्शन में शुरू हुआ। आचार्य पराग पटेल ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिभागियों को भगवान बुद्ध द्वारा बताए गए विपश्यना ध्यान की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक साधना से परिचित कराया जाएगा।
वहीं, भदंत डॉ. बुद्धपाल महाथेर ने कहा कि विपश्यना जीवन जीने की एक महत्वपूर्ण साधना है, जो मन की चंचलता और अशांति को कम कर आंतरिक शांति एवं संतुलन विकसित करने में सहायक मानी जाती है। दस दीवसीय शिविर में साधकों को नियमित ध्यान, आत्मनिरीक्षण तथा मन की प्रकृति को समझने की प्रक्रिया से गुजरने का अवसर मिलेगा।

बोधि सोसाइटी के अध्यक्ष आलोक रंजन बरुआ ने बताया कि शिविर पूरी तरह निःशुल्क है और इसमें कुल 30 महिला एवं पुरुष प्रतिभागी शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर भदंत डॉ. बुद्धपाल महाथेर, नागपुर से भदंत डॉ. ज्ञानदीप महाथेर, भदंत परमानंद भिक्षु, बोधि सोसाइटी जमशेदपुर के अध्यक्ष आलोक रंजन बरुआ तथा महासचिव साधन बरुआ, रिंटू चौधरी, सपन बरुआ, सत्यजीत बरुआ, मिथुन बरुआ, अधिराज बरुआ, सुमित बरुआ, माधुरी बरुआ, सुबीर बरुआ, सुब्रता बरुआ, सुदीप्ता बरुआ, देवदास बरुआ, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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