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सरायकेला : कुकड़ू में फसल रौंद रहे हाथी, विस्थापित नेता राकेश महतो ने DFO को चेताया – गांवों से हाथी नहीं भगाए तो कार्यालय में होगा आंदोलन ।

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Sep 11, 2026
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सरायकेला : दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के गज परियोजना की गजों की आतंक से ईचागड़ विधान सभा क्षेत्र में शाम ढलते ही हाथियों की झुंड ने शाम ढलते ही जंगल से निकल कर गांव में प्रवेश कर जाते हे ।ओर उपद्रव मचाने लगते जिसे जनजीवन अस्तवस्त रहने लगा । चांडिल डैम विस्थापित क्षेत्र में हाथियों के आतंक और वन विभाग की उदासीनता को लेकर विस्थापित अधिकार मंच के नेता राकेश रंजन महतो ने DFO सबा आलम अंसारी पर सीधा निशाना साधा है।

 

कुकड़ू में संवाद यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि कुकड़ू क्षेत्र चांडिल डैम से प्रभावित है और यहां के लोग 44 वर्षों से सरकार से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। दूसरी तरफ वन विभाग की लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं। रात के समय जब लोग बाहर निकलते हैं, तब हाथी गांव में घुस आते हैं। सूचना देने के बाद भी रेंजर, फॉरेस्टर, गार्ड और DFO तक कोई सुध नहीं लेते।

 

उन्होंने कहा कि जानूम, पलाशडीह, झापागोड़ा, दयापुर, दुलमी, कुमारी, उदाटांड सहित कई गांवों में गरीब किसानों ने कड़ी मेहनत से पूंजी लगाकर खेती की थी, लेकिन हाथियों ने खेत के खेत उजाड़ दिए। दुर्भाग्य है कि फसल नष्ट होने के बाद भी किसानों को आज तक किसी तरह का मुआवजा नहीं मिला।

 

*DFO को दी जन आंदोलन की चेतावनी*

राकेश महतो ने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की है। उन्होंने DFO सबा आलम अंसारी का नाम लेते हुए कहा कि यदि विस्थापित गांवों को हाथियों से मुक्त नहीं कराया गया और उत्पात नहीं रोका गया तो इसके लिए DFO को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लेनी होगी। यदि जल्द हाथियों को नहीं भगाया गया तो वन विभाग कार्यालय के समक्ष बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि दलमा हाथियों का घर है और वहां करोड़ों रुपये हाथियों के संरक्षण के लिए खर्च किए गए हैं, लेकिन उसी जगह टूरिस्ट कॉटेज, रिसॉर्ट और होटल बनाए जा रहे हैं। ऐसे में हाथी भटक कर ग्रामीण क्षेत्रों में आएंगे ही। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के निर्देश पर अब कॉटेज तोड़े जा रहे हैं, तब विभाग को होश आ रहा है।

 

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में न वनपाल आता है, न रेंजर, न गार्ड और DFO तो दूर की बात है। वन विभाग की गलत नीतियों के कारण ही हाथी विस्थापित क्षेत्र में आकर लोगों को दुख-दर्द दे रहे हैं।


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