
जमशेदपुर । आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल और जमशेदपुर ब्लड सेंटर के सहयोग से 2 घंटे के विशेष रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। इस रक्तदान शिविर में लगभग 10 लोगों ने रक्तदान किया । रक्तदाताओं को पौधा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सुनील आनंद ने कहा कि अस्पताल में पीड़ित परमात्मा के बच्चों के कष्ट के निवारण के लिए किया गया रक्त दान मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रक्तदाता के मन में यह भावना होनी चाहिए कि, “हे परम पुरुष, हम इसलिए रक्तदान और सेवा करते हैं कि तुम प्रसन्न हो। तुम्हारी खुशी में ही हमारा सब कुछ है। इसके लिए यदि हमें कष्ट भी सहना पड़े, तो हमें कोई आपत्ति नहीं।”
सुनील आनंद ने कहा कि बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के किसी जरूरतमंद के जीवन की रक्षा के लिए रक्त दान करना निष्काम कर्म योग की भावना को दर्शाता है। जिन मरीजों के लिए रक्त दान किए जाते हैं, वे दाता को जानते हों या न जानते हों, लेकिन परमात्मा अवश्य प्रसन्न होते हैं, क्योंकि सेवा उनके ही बच्चों के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा का यही भाव आनंद मार्ग की सेवा भावना का मूल आधार है—“जीव सेवा ही शिव सेवा है।”

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