
जमशेदपुर। पूर्व छात्र नेता अधिवक्ता कुलविंदर सिंह ने जिला प्रशासन से शहर के सभी कोचिंग संस्थानों के सुरक्षा का मानकों की जांच करवाने का आग्रह किया है।
कुलविंदर सिंह के अनुसार शहर में सैकड़ों कोचिंग संस्थान संचालित है। अच्छी कोचिंग के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम ली जाती है लेकिन सुरक्षा मानकों का घोर अभाव रहता है।
छोटे-छोटे कमरे में 25 से 30 बच्चों को बैठाया जाता है। कमरे दो या तीन पार्टीशन बने होते हैं और यदि कोई अनहोनी हो जाए तो बच्चे वहां से सुरक्षित नहीं निकल या निकाले जा सकते हैं। ज्यादातर कोचिंग संस्थान भीड़ भरे इलाके एवं सकरी सड़क के किनारे हैं। जहां आपातकालीन स्थिति में व्यवस्था एवं राहत हेतु पहुंच बनाना बहुत ही मुश्किल है।
क्या वहां भवन में दो सीढ़ी है क्या प्रवेश एवं विकास का अलग-अलग द्वार है। कुलविंदर सिंह ने जिला प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि कैसे शहर के टाटा लीज अथवा गैर लीज आवासीय इलाके का इस्तेमाल कमर्शियल के तौर पर हो रहा है। यह बिना मिली भगत के नहीं हो सकता है।
इसके लिए निश्चित तौर पर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति जुगसलाई नगर पालिका एवं मानगो नगर निगम प्रशासन एवं टाटा लैंड डिपार्टमेंट समान रूप से दोषी है। कुलविंदर सिंह के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री को एक्स पर ट्वीट किया है और ऐसे कोचिंग संचालक एवं जिम्मेदार सरकारी पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
जिससे लखनऊ कांड की पुनरावृत्ति झारखंड में नहीं हो सके और अमूल्य मानव संसाधन का नुकसान परिवार समाज एवं देश को नहीं हो।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
