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हर साल की भाती इस साल भी रक्षाबंधन का त्यौहार बड़ी ही हर्ष उल्लास एवंधूम धाम से मनाया गया

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Aug 28, 2026
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पत्रकार चंचल गोस्वामी

 

रक्षाबंधन का पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है एवं रक्षाबंधन शब्द का अर्थ है सुरक्षा का बंधन या धागा।

पौराणिक कथाएं के अनुसार महाभारत में कृष्ण और द्रौपदी जब श्री कृष्ण की उंगली कट गई थी तो द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ कर उनकी उंगली पर बांध दिया था।

इसके बाद कृष्ण ने चीरहरण के समय द्रोपदी की रक्षा करने का वचन निभाया था।

 

इंद्र और इंद्राणी देवताओं और असुरों के युद्ध के समय इंद्राणी ने इंद्रदेव की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा था जिससे उसकी विजय मिली थी।

 

भाई बहन के स्नेह और प्रतीक प्रेम को बनाए रखने के लिए यह पर्व देश भर में मनाया जाता है।

 

बहन अपने भाई को टीका चंदन एवं विधि विधान पूर्वक उनके हाथों की कलाई मे रेशम का डोर बांधती है।

 

और भाई भी उन्हें उपहार के स्वरूप भेंट करते हैं बहन भाई के लिए दीर्घ आयु स्वास्थ्य , लंबी उम्र की कामना करती है।

 

और सुखी संपन्न , घर परिवार सभी पूरा भरा रहे भाई भी अपनी बहन को यह वचन देते हैं तुम्हारे हर संकट मुसीबत में खड़े रहोगे ,तुम्हारे कोई आपत विपत आइए तो बहन की रक्षा करूंगी उसका डटकर सामना करूंगी एवं बहन को हर संकट से ऊबरूंगी।


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