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कुल्टी कारखाने के मुख्य द्वार पर केंद्रीय वेतन लागू करने की मांग को लेकर श्रमिकों का लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा आंदोलन।

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Aug 26, 2026
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रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव

कुल्टी : सेल ग्रोथ वर्क्स कुल्टी कारखाने के मुख्य द्वार के समक्ष बुधवार को 26,000 केंद्रीय वेतन (Central Wages) लागू करने की मांग को लेकर ठेका श्रमिकों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को लेकर श्रमिकों ने पहले कारखाने के अंदर धरना-प्रदर्शन किया और आज कारखाने के मुख्य गेट के सामने जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

इस युवा श्रमिक नेता बिनोद सिंह ने कहा कि 21 नवंबर 2025 को लेबर कोड लागू हो चुका है। लेकिन इसके बावजूद सेल के कुल्टी कारखाने में काम करने वाले करीब 550 ठेका श्रमिकों को अब तक 26,000 हजार रुपए केंद्रीय वेतन का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसी मांग को लेकर ठैका श्रमिकों में काफी नाराजगी है।

श्रमिकों का आरोप है कि वे लंबे समय से कारखाने में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और खून-पसीना बहाकर काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें केंद्रीय वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि लेबर कोड लागू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित नियमों के अनुसार 26,000 हजार रुपए केंद्रीय वेतनमान का लाभ मिलेगा। लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।

श्रमिक विनोद सिंह ने बताया कि ठेका श्रमिकों को प्रबंधन सिर्फ आश्वासन है। उन्होंने कहा कि कुल्टी कारखाने में ठेका श्रमिक दिन-रात मेहनत करते हैं और अपने खून-पसीने से कारखाने का काम संभालते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ₹26,000 केंद्रीय वेतन से वंचित रखा जा रहा है।

श्रमिकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संबंधित मामले को लेकर सेल ग्रोथ वर्क्स कुल्टी के एजीएम एचआर कामिॅक जेड आदिल से फोन पर बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया ।

इस अवसर पर ठेका श्रमिक जसवंत सिंह, समिम खान, हरेंद्र पांडेय, पंकज राय, पल्लव सेन, मोहम्मद सलीम, राज कुमार सिंह, अमित प्रसाद, कुणाल घोष, असिम मजूमदार समेत समेत बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक धरना-प्रदर्शन में शामिल थे ।


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