
रांची| झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में सिंदरी के विधायक चन्द्रदेव महतो ने विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, यानी BBMKU में क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू कराने का मुद्दा शून्यकाल के दौरान जोर-शोर से उठाया।
विधायक ने कहा कि धनबाद और बोकारो का पूरा इलाका कुरमाली, संथाली और खोरठा जैसी समृद्ध क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़ा है। यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा लेना चाहते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय में अब तक UG, PG और http://B.Ed स्तर पर इन विषयों की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है।

उन्होंने सदन को बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले ही प्रस्ताव भेज चुका है। पत्रांक आर/1150/2025, दिनांक 11 जुलाई 2025 के जरिए सरकार से अनुमति मांगी गई है। इस आधार पर विधायक ने सरकार से मांग की कि BBMKU में तत्काल प्रभाव से इन तीनों क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई स्नातक, स्नातकोत्तर और बीएड स्तर पर शुरू कराई जाए।

हंगामे के कारण अध्यक्ष ने पढ़ा प्रश्न
सत्र के दौरान भाजपा के हंगामे की वजह से विधायक चन्द्रदेव महतो खुद अपना प्रश्न नहीं रख सके। इसके बाद माननीय अध्यक्ष महोदय ने उनके जनहितकारी शून्यकाल प्रश्न को सदन के पटल पर पढ़कर सुनाया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा:
जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सदन में उठने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष को हंगामा करने के बजाय जनहित और छात्रहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगना चाहिए। क्षेत्रीय भाषाओं का संरक्षण और विद्यार्थियों का भविष्य राजनीति से ऊपर का विषय है।”
विधायक की इस मांग को धनबाद-बोकारो के छात्र संगठनों और क्षेत्रीय भाषा प्रेमियों का समर्थन मिल रहा है। उनका कहना है कि स्थानीय भाषाओं को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने से न सिर्फ सांस्कृतिक पहचान बचेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
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