
झरिया से विस्थापित होकर बेलगड़िया (द्वितीय चरण) में जीवन-यापन कर रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग बबलू अधिकारी जी पिछले कई दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस दुनिया में उनका अपना कोई सहारा नहीं था। पिछले सप्ताह जब उनकी तबीयत बिगड़ी, तो विधायक जी के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने तुरंत एम्बुलेंस भेजकर उन्हें एसएनएमएमसीएच (SNMMCH) अस्पताल में भर्ती कराया था।
**दुखद अंत और त्वरित कार्रवाई**

अत्यंत दुखद समाचार यह रहा कि इलाज के दौरान बबलू अधिकारी जी ने दम तोड़ दिया। परिवार में किसी के न होने के कारण उनका पार्थिव शरीर अस्पताल में लावारिस पड़ा था। जैसे ही इस दुखद घटना की सूचना विधायक चंद्रदेव महतो जी तक पहुँची, उन्होंने तुरंत अपने प्रतिनिधि शीतल दत्ता को सम्मानजनक अंतिम संस्कार के निर्देश दिए।

विधायक जी के निर्देशानुसार उनके मीडिया प्रभारी शीतल दत्ता एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं:
* **सम्मानजनक शव वाहन:** अस्पताल से पार्थिव शरीर को लाने के लिए तुरंत शव वाहन का प्रबंध किया गया।
* **पूर्ण आर्थिक सहयोग:** अंतिम क्रिया-कर्म और दाह-संस्कार के संपूर्ण खर्च की व्यवस्था विधायक जी की ओर से की गई।
**मानवता का फर्ज निभाते सामाजिक कार्यकर्ता**
विधायक जी की इस मानवीय पहल को धरातल पर उतारने के लिए भाकपा माले के सुरेश भुइयां पूरी तत्परता के साथ सक्रिय रहे। इसके अलावा स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं में मोहन भुइयां, बबलू बावरी, एमडी अली, आशिफ, श्याम पासवान, बंटी भुइयां, दिलिप कुमार, मंगल भुइयां, गुली पाल एवं अन्य साथियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होकर मानवता का फर्ज निभाया और दिवंगत आत्मा को अश्रुपूरित अंतिम विदाई दी।
स्थानीय जनता ने विधायक चंद्रदेव महतो के इस भावुक और संवेदनशील कदम की सराहना करते हुए कहा कि वे केवल जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के सच्चे अभिभावक हैं।
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