
आदित्यपुर । ट्रेन के अत्यधिक विलंब से चलने को सेवा में गंभीर त्रुटि मानते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, सरायकेला-खरसावां ने दक्षिण पूर्व रेलवे को 60 हजार मुआवजा देने का आदेश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह की पीठ ने उपभोक्ता मामला संख्या 7/2025 में सुनवाई पूरी करते हुए 3 अगस्त 2026 को यह फैसला सुनाया। मामले के अनुसार आदित्यपुर निवासी संजय कुमार ने 13 अक्टूबर 2024 को टाटानगर से संबलपुर जाने के लिए केबीजे इस्पात एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22861) में ई-टिकट बुक कराया था।
निर्धारित समय के अनुसार ट्रेन को सुबह 10:18 बजे टाटानगर से रवाना होकर अपराह्न 3:50 बजे संबलपुर पहुंचना था, लेकिन ट्रेन लगभग 5 घंटे 17 मिनट (317 मिनट) की देरी से गंतव्य पर पहुंची। ट्रेन की देरी से हुई मानसिक और शारीरिक परेशानी को लेकर संजय कुमार ने पहले दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को कानूनी नोटिस भेजा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर कर 2.50 लाख मुआवजे की मांग की।
सुनवाई के दौरान आयोग ने ई-टिकट, कानूनी नोटिस तथा अन्य दस्तावेजों का अवलोकन किया। आयोग ने माना कि ट्रेन के अत्यधिक विलंब के कारण शिकायतकर्ता को मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जो रेलवे की सेवा में कमी की श्रेणी में आता है।
आयोग ने वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, चक्रधरपुर मंडल तथा महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व रेलवे को संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न के लिए 50 हजार तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार, कुल 60 हजार का भुगतान करने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि रेलवे प्रशासन 45 दिनों के भीतर राशि का भुगतान करे। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर पूरी राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
गौरतलब है कि शिकायतकर्ता संजय कुमार ने इस मामले में बिना किसी अधिवक्ता की सहायता के स्वयं अपना पक्ष रखा।
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