
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी : साइबर क्राइम से जुड़े बराकर शहर के 68 नंबर वार्ड के दास पाड़ा से साइबर क्राइम के एसीपी एमडी हारून के नेतृत्व में रोहित रविदास को गिरफ्तार करने के बाद मगंलवार को आसनसोल न्यायालय को सुपुर्द किया गया । कुल्टी थाना अंतर्गत चौरंगीआउट पोस्ट पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से दस दिन की रिमांड मांगी, लेकिन दोनो पक्ष के वकील की जिरह सुनने के बाद माननीय ने चार दिन कि रिमांड दी हैं । साइबर क्राइम के एसीपी द्वारा बराकर दास पाड़ा में की गई छापेमारी से साइबर क्राइम से जुड़े अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ हैं।

रोहित रविदास पर आरोप : इस संबंध में कुल्टी थाना अंतर्गत चौरंगीआउट पोस्ट पुलिस के कैश के जांच अधिकारी शुभेंदू हाटी ने बताया हैं कि सोमवार को बराकर के बैगुनिया बाजार स्थित सिद्धेश्वर मंदिर रोड के युको बैंक के एटीएम से रोहित रविदास लगभग छह हजार रुपए निकाला । रूपए निकालते समय सीसीटीवी की नजर उस पर थी । फर्जी तरीके से रूपए निकालने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस अधिकारी ने बताया हैं कि साइबर क्राइम से जुड़े लगभग पंद्रह मामले में रोहित रविदास का संलिप्त होने का अनुमान हैं । शुभेंदू हाटी ने बताया कि रोहित को देखने पर ऐसा लगता था कि यह साधारण घर का युवक हैं । लेकिन घर माब॔ल का बना हुआ हैं और ऐसो आराम के सभी सुविधा उपलब्ध हैं । जिसकी छानबीन की जा रही हैं । उन्होंने कहां हैं कि इस मामले में और कइ गिरफ्तारियां हो सकती हैं ।

साइबर क्राइम का अड्डा बना बराकर और नियामतपुर:
बराकर शहर का दास पाड़ा में एससी जाति के लोगों संखया ज्यादा हैं । जहा पेंटर और मूर्तिकार तथा मोची का काम करने वालो की संख्या ज्यादा हैं । दास पाड़ा के कुछ युवक साइबर क्राइम से जुड़ने के बाद पिछले दस साल में इन लोग का समाजिक और आथिर्क परिवर्तन बड़े पैमाने पर हुआ। महंगे वाहन, चश्मा और ब्रांडेड कंपनी के महंगे मोबाइल फोन इन लोग का सोख बन गया । परिणामस्वरूप साइबर क्राइम से जुड़े अशोक, अंकित, अमृत जैसे कई युवक इस धंधे को रोजगार बना लिए हैं । जिनका साथ बराकर अस्पताल रोड के कुछ युवक भी देते हैं । आज की तारीख में दास पाड़ा साइबर क्राइम का सुरक्षित अड्डा बन गया हैं और झारखंड सें आने वाले साइबर क्राइम से जुड़े युवकों की यह शरणस्थली बन गई हैं । आए दिन पुलिस की यहां छापेमारी होती हैं । सभी के तार जामताड़ा जिला से जुड़ा हुआ हैं । बताया जाता हैं कि एक ही समुदाय के रहने के कारण नियामतपुर के अग्रसेन भवन के पीछे दास पाड़ा से भी इन के तार जुड़े हुए हैं । बताया जाता हैं नियामतपुर दास पाड़ा से लगभग तीन दज॔न युवक इस धंधे से जुड़े हुए हैं । रातोंरात पैसा कमाने का सबसे सरल रासता खोज लिया हैं । न्यायालय से इन लोग की जमानत लेने के लिए लोगो की लंबी लाइन लगी हुई हैं और इन को संरक्षण देने के लिए कुछ समाजिक कार्यकर्ता भी आगे रहते हैं । जिसके परिणामस्वरूप यह अवैध कारोबार दिन रात फल फूल रहा हैं । पुलिस की लगातार दबिश से ही इस कारोबार पर अंकुश लग सकता हैं ।
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