
सरायकेला : चांडिल के जयदा मंदिर में पहली बार बनारस की तर्ज पर हुई महा गंगा आरती
जमशेदपुर। चांडिल के ऐतिहासिक जयदा मंदिर परिसर में श्रावण मास की पहली सोमवारी की पूर्व संध्या पर रविवार शाम पहली बार बनारस की तर्ज पर भव्य महा गंगा आरती का आयोजन किया गया।
श्री श्याम सेवा समिति, चांडिल के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में वाराणसी से आए विशेष आचार्यों ने विधि-विधान के साथ आरती संपन्न कराई। करीब घंटों भर तक चली महा गंगा आरती के दौरान जयदा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। आरती के मनोरम दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती में शामिल होकर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। आयोजकों ने कहा कि महा गंगा आरती मां गंगा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। श्रद्धालुओं के लिए यह अनुष्ठान आध्यात्मिक शांति और आंतरिक ऊर्जा का अनुभव कराने वाला रहा।
बनारस की तर्ज पर आयोजित इस आरती से जयदा मंदिर परिसर में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और भी भक्तिमय हो गया।
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के प्राचीन कालीन जयदा शिव मंदिर परिसर पर रविवार की शाम आस्था और उल्लास का संगम देखने को मिला। दलमा जंगल से सटे जंगल एवं सुवर्णरेखा नदी तटपर श्री श्याम सेवा समिति के तत्वावधान में भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें 5 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।
*दीयों से जगमगाया पूरा घाट*
शाम करीब 6 बजे गंगा पूजन और अर्चना के साथ महाआरती शुरू हुई। बनारस से विशेष रूप से बुलाए गए 5 पंडितों ने शंख, घंटी और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती की। मंदिर परिसर से लेकर नदी घाट और जयदा मेला मैदान तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दीयों की रोशनी शंख की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो गया।
महिलाओं और पुरुषों ने नदी में दीपदान कर मनोकामनाएं मांगीं। कई श्रद्धालु दूर-दराज के गांवों से भी गंगा महाआरती में शामिल होने पहुंचे थे।
*सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम*
भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के दौरान चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी और चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार स्वयं मौके पर मौजूद रहे।
नदी में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को देखते हुए स्थानीय गोताखोरों की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री श्याम सेवा समिति के सदस्यों ने प्रसाद वितरण, पेयजल और यातायात व्यवस्था संभाली।
*धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा*
श्री श्याम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जयदा शिव मंदिर झारखंड का एक प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है। गंगा महाआरती जैसे आयोजनों से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।समिति ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के धार्मिक आयोजन कर जयदा को “छोटा बनारस” के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजन की व्यवस्था और नेतृत्व संदीप सुल्तानिया, अनुप जालान, प्रकाश पसारी और आयुष पसारी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर राजेश पसारी, विमल गुप्ता, सुधीर अग्रवाल, रामवतार अग्रवाल, रत्नाकर खेतान समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। चौका और चांडिल थाना प्रभारी भी मौके पर उपस्थित रहे। इसे सफल बनाने में प्रमुख रूप से राकेश अग्रवाल, गोपाल सुल्तानिया, नितिन शिवम गुप्ता, पंकज आसारी, विनोद सुल्तानिया, अनील जालान, नवीन पसारी, विमल जालान, कमल जालान, अमित बागड़िया, मनोज पसारी, दिनेश जालान, नीरज जालान आदि का योगदान रहा। मालूम हो कि यह अनुष्ठान माँ गंगा के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक है, जिन्हें देवी के रूप में पूजा जाता है और सभ्यता की शाश्वत जीवनरेखा माना जाता है।
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