
सरायकेला : जिले में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए शुक्रवार को एसपी मनोज स्वर्गीयारी खुद सड़क पर उतर गए। उन्होंने एक के बाद एक कांड्रा, ईचागढ़ और तिरुलडीह थाना का औचक निर्भर किया और पुलिसिंग का रियलिटी चेक लिया।
थाने में कुर्सी पर बैठकर रिपोर्ट सुनने के बजाय एसपी सीधे रजिस्टर, लॉकअप, परिसर और लंबित फाइलों तक पहुंचे।
*क्या-क्या खंगाला एसपी ने*
निरीक्षण के दौरान एसपी ने 4 चीजों पर सबसे ज्यादा फोकस किया:
1. *लंबित कांड* : कितने केस पेंडिंग हैं, क्यों लटके हैं, अगली तारीख क्या है – एक-एक फाइल की प्रगति देखी।
2. *वारंट-कुर्की* : फरार अपराधियों के खिलाफ वारंट और कुर्की की कार्रवाई कितनी तेज है, इसकी डिटेल मांगी।
3. *रिकॉर्ड और साफ-सफाई* : थाना के रजिस्टर, सीसीटीएनएस एंट्री, हाजत और परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया।
4. *फील्ड की तैयारी* : गश्ती, पिकेट और संवेदनशील इलाकों में निगरानी की क्या व्यवस्था है, यह परखा।
*एसपी का सख्त निर्देश: “लापरवाही नहीं चलेगी”*
निरीक्षण के बाद एसपी ने तीनों थानों के प्रभारी और पुलिस पदाधिकारियों को लाइन पर लगाया।
*एसपी ने दिए 4 बड़े निर्देश:*
1. *गश्ती तेज करो* : रात और सुबह की गश्ती को और प्रभावी बनाओ। पेपर पर नहीं, सड़क पर दिखनी चाहिए।
2. *लंबित केस निपटाओ* : पुराने कांडों को प्राथमिकता से खत्म करो। पीड़ित को तारीख का इंतजार नहीं करवाना है।
3. *वारंट पर वार* : फरार आरोपियों के घर कुर्की और गिरफ्तारी अभियान में तेजी लाओ।
4. *जनता से जुड़ो* : अपराधियों पर सख्ती और आम लोगों से बेहतर व्यवहार। जनविश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है।
एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने साफ कहा “जिले में कानून व्यवस्था मजबूत रखनी है तो हर पुलिस पदाधिकारी को पूरी जिम्मेदारी और तत्परता से काम करना होगा। थाने जनता के लिए हैं, फाइलों के लिए नहीं।”
एसपी के इस औचक निरीक्षण से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में लंबित मामलों और फरारियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जाएगा।
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