
मोहरीबांध के समीप धंसी सड़क का झरिया विधायक रागिनी सिंह ने किया निरीक्षण, रांची से पहुंचे पथ निर्माण विभाग के अधिकारी अरविंद कुमार ने BCCL की भूमिका पर उठाए सवाल, वैकल्पिक मार्ग जल्द बनाने का आश्वासन।
झरिया/धनबाद। झरिया विधानसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण 44 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 11 किलोमीटर लंबी झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क निर्माण के महज एक वर्ष के भीतर ही मोहरीबांध के समीप गंभीर भू-धंसान की चपेट में आ गई है। भूमिगत आग, लगातार हो रहे सबसीडेंस तथा आसपास संचालित कोयला खदानों के कारण सड़क कई स्थानों पर धंसकर जर्जर हो चुकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को झरिया विधायक रागिनी सिंह ने रांची से पहुंचे पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान रांची से पथ निर्माण विभाग के अधिकारी अरविंद कुमार, धनबाद पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार तथा BCCL संबंधित क्षेत्र के महाप्रबंधक ए.के. सिन्हा मौजूद रहे। अधिकारियों ने सड़क की वर्तमान स्थिति का संयुक्त रूप से निरीक्षण कर तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की।

रांची से पहुंचे अधिकारी अरविंद कुमार का बयान
निरीक्षण के बाद पथ निर्माण विभाग, रांची के अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य विभाग द्वारा सभी निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन करते हुए कराया गया था। निर्माण शुरू करने से पहले BCCL से विधिवत अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिया गया था।
उन्होंने कहा,
“सड़क की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं है। यह सड़क भूमिगत आग और लगातार हो रहे सबसीडेंस के कारण धंसी है। आग कहां-कहां सक्रिय है, इसकी प्रमाणिक जानकारी BCCL के पास रहती है। पथ निर्माण विभाग को उसी आधार पर एनओसी दी गई थी। यदि बाद में भूमिगत आग फैलती है या जमीन खोखली होती है तो उसका प्रभाव सड़क पर पड़ना स्वाभाविक है।”
उन्होंने आगे कहा,
“वैकल्पिक मार्ग (डायवर्शन) के निर्माण का एस्टीमेट जनवरी माह में ही तैयार कर BCCL को भेज दिया गया था। संबंधित सभी विभागों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है। जैसे ही फंड उपलब्ध होगा, डायवर्शन का निर्माण तत्काल शुरू कराया जाएगा ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।”
अरविंद कुमार ने बताया कि विभाग पूरे मामले की तकनीकी समीक्षा कर रहा है तथा BCCL के साथ समन्वय बनाकर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाएगा।
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कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार का बयान
धनबाद पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा,
“यह सड़क पूरी गुणवत्ता के साथ बनाई गई थी। लेकिन भूमिगत आग और लगातार हो रहे सबसीडेंस के कारण नीचे की मिट्टी पूरी तरह खोखली हो गई, जिसके कारण सड़क बैठ गई। निर्माण से पहले BCCL से विधिवत एनओसी ली गई थी। आग की वास्तविक स्थिति की जानकारी BCCL के पास होती है, पथ निर्माण विभाग के पास नहीं।”
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झरिया विधायक रागिनी सिंह का बयान
निरीक्षण के बाद झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि यह केवल सड़क धंसने का मामला नहीं बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा,
“44 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क का इतनी जल्दी धंस जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्र में पहली बार इतनी बड़ी सड़क इस तरह जमींदोज हुई है। हजारों लोग प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर इस सड़क से गुजर रहे हैं। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।”
उन्होंने कहा कि इस विषय को उन्होंने कई बार उपायुक्त की बैठक, विधानसभा तथा संबंधित विभागों के समक्ष उठाया है।
रागिनी सिंह ने कहा,
“केंदुआ मुख्य मार्ग की तरह इस सड़क को भी तत्काल बंद कर सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग शुरू किया जाना चाहिए। पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उसके बाद मुख्य सड़क की मरम्मत की जाए।”
उन्होंने BCCL पर सवाल उठाते हुए कहा,
“यदि यह क्षेत्र अग्नि प्रभावित था तो सड़क निर्माण के लिए एनओसी कैसे जारी की गई? इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। जनता की जान के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
डेढ़ साल से बंद है वैकल्पिक मार्ग
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से वैकल्पिक मार्ग बंद होने के कारण हजारों लोग मजबूरी में इसी खतरनाक सड़क से आवागमन कर रहे हैं। पिछले वर्ष दुर्गा पूजा के समय भी निरीक्षण और जांच हुई थी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
झरिया-बलियापुर सड़क कोयलांचल क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण संपर्क सड़कों में से एक है। सड़क धंसने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब क्षेत्र पहले से भूमिगत आग और भू-धंसान से प्रभावित था, तब निर्माण की अनुमति कैसे दी गई और बाद में सुरक्षा के लिए समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।
फिलहाल पथ निर्माण विभाग और BCCL संयुक्त रूप से स्थिति का आकलन कर रहे हैं। अब लोगों की निगाह इस बात पर है कि वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कब शुरू होगा, मुख्य सड़क की मरम्मत कब होगी और इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कब कार्रवाई होगी।
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