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पीएम पोषण योजना की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश, बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन

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Jun 28, 2026
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चाईबासा, 28 जून 2026: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के प्रभावी संचालन, भोजन की गुणवत्ता, पोषण मानकों एवं विद्यालयों में नियमित मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, सुरक्षित, पौष्टिक एवं समयबद्ध मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधित पदाधिकारी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

 

समीक्षा के दौरान साप्ताहिक मेनू, फल वितरण, खाद्यान्न आवंटन, पूरक पोषण आहार, एलपीजी गैस की उपलब्धता, वित्तीय उपयोगिता एवं भोजन की गुणवत्ता जैसे विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के 2,041 विद्यालयों में योजना के तहत नियमित रूप से मध्याह्न भोजन संचालित हो रहा है तथा 3,748 रसोइया अपनी सेवाएं दे रही हैं।

 

रसोइयों के सामाजिक सुरक्षा पहलुओं पर विशेष ध्यान देते हुए उपायुक्त ने सभी कार्यरत रसोइयों का आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड शत-प्रतिशत बनाने तथा 50 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र रसोइयों को प्राथमिकता के आधार पर वृद्धावस्था पेंशन योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।

 

बैठक में उन चार प्रखंडों की भी समीक्षा की गई जहां सेंट्रल किचन के माध्यम से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त ने भोजन की गुणवत्ता, समय पर आपूर्ति, स्वच्छता एवं पोषण मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि ‘तिथि भोज’ के अवसर पर भी बच्चों को विशेष एवं बेहतर गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराया जाए।

 

उपायुक्त ने विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, खाद्यान्न भंडारण, स्वच्छ रसोईघर, पेयजल एवं भोजन वितरण व्यवस्था की नियमित जांच करने तथा किसी भी कमी पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

 

बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, विद्यालय उपस्थिति और शैक्षणिक विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों से समन्वय के साथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रत्येक छात्र-छात्रा तक गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।


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