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प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल ने छाया बालिका गृह और मूक-बधिर विद्यालय का किया निरीक्षण

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Jun 20, 2026
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*चाईबासा* : पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की पदाधिकारी सुश्री ईरा जोरवाल ने शनिवार को चाईबासा स्थित छाया बालिका गृह एवं मूक-बधिर आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर वहां संचालित शैक्षणिक, आवासीय एवं विकासात्मक गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे संवाद किया तथा संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

 

निरीक्षण के दौरान छाया बालिका गृह में प्रोजेक्ट परख के तहत आयोजित तिथि भोज कार्यक्रम में उन्होंने बालिकाओं के साथ बैठकर भोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने बालिकाओं की पढ़ाई, स्वास्थ्य, दैनिक दिनचर्या एवं अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।

 

सुश्री जोरवाल ने बालिका गृह में संचालित ऑनलाइन कक्षा में भी भाग लिया और छात्राओं को नियमित अध्ययन, डिजिटल तकनीक का बेहतर उपयोग तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों एवं कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का निर्देश दिया।

 

इसके बाद उन्होंने मूक-बधिर आवासीय विद्यालय का दौरा किया, जहां ग्रीष्मकालीन शिविर के दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया। बच्चों की रचनात्मकता, कलात्मक कौशल और नवाचार की भावना से प्रभावित होकर उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।

 

प्रशिक्षु आईएएस ने विद्यालय के डिजिटल लैब और विज्ञान प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी ज्ञान बच्चों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं विज्ञान प्रयोगशाला में विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक शिक्षा का अवलोकन करते हुए उन्होंने शिक्षकों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने वाली गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित करने की सलाह दी।

 

इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, संस्थानों के प्रभारी, शिक्षकगण एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे।


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