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पेंटागन की 72 UFO फाइलों से सनसनी: लद्दाख, सिक्किम और नेपाल में दिखीं रहस्यमयी उड़ती वस्तुएं

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Jun 14, 2026
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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन द्वारा यूएफओ (अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट) और एलियंस से जुड़ी 72 फाइलों को सार्वजनिक किए जाने के बाद दुनियाभर में नई चर्चा शुरू हो गई है। जारी दस्तावेजों में सीआईए, एफबीआई, नासा और अमेरिकी रक्षा विभाग के कुल 53 दस्तावेज, 10 तस्वीरें, 6 वीडियो और 3 ऑडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं। इन फाइलों में भारत के लद्दाख और सिक्किम समेत नेपाल तथा अमेरिका में देखी गई रहस्यमयी उड़ती वस्तुओं का भी उल्लेख किया गया है।

जारी सामग्री में सबसे अधिक चर्चा जुलाई 2025 की एक वीडियो क्लिप की हो रही है, जिसमें दो तेज चमक वाली वस्तुएं आसमान में एक निश्चित संरचना में उड़ती दिखाई देती हैं। इसके अलावा सीआईए के छह पन्नों के एक दस्तावेज में वर्ष 1968 के दौरान भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में देखी गई रहस्यमयी घटनाओं का विस्तृत विवरण दर्ज है।

दस्तावेज के अनुसार 19 फरवरी 1968 को उत्तर सिक्किम के लाचुंग, लाचेन और ट्रांगु क्षेत्रों में स्थानीय लोगों ने एक अज्ञात उड़ती वस्तु को देखा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस वस्तु के पीछे से असामान्य रोशनी निकल रही थी। इसके कुछ ही दिनों बाद 4 मार्च 1968 को लद्दाख के चांग ला, फुकचे और कोयुल क्षेत्रों में भी लोगों ने सफेद चमकदार रोशनी वाली उड़ती वस्तुओं को देखने का दावा किया। इन घटनाओं के दौरान तेज धमाके जैसी आवाजें सुनाई देने की भी बात कही गई है।

फाइलों में नेपाल के कास्की क्षेत्र की एक घटना का भी उल्लेख है। 27 मार्च 1968 को वहां आसमान में तेज रफ्तार से उड़ती एक चमकदार वस्तु देखी गई थी। बाद में पोखरा के निकट बाल्टिचौर इलाके में एक धातु जैसी डिस्क के आकार का गड्ढा मिलने की सूचना दर्ज की गई, जिसकी ऊंचाई लगभग चार फीट बताई गई थी।

अमेरिका से जुड़े दस्तावेजों में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के एक गुप्त स्थान पर स्थित तालाब का भी जिक्र है, जहां कई वर्षों से रहस्यमयी रोशनियां और गोलाकार वस्तुएं दिखाई देने की शिकायतें मिलती रही हैं। वर्ष 2024 में जांच के लिए पहुंचे एफबीआई एजेंटों ने भी इन असामान्य रोशनियों को देखने की पुष्टि की थी।

पेंटागन द्वारा जारी इन फाइलों ने एक बार फिर यूएफओ और एलियंस को लेकर बहस को तेज कर दिया है। हालांकि इन घटनाओं की कोई अंतिम वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सार्वजनिक किए गए दस्तावेज रहस्य और जिज्ञासा को और बढ़ाने वाले साबित हो रहे हैं।


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