

सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत ओड़िया पंचायत के मध्य विद्यालय दुलमी में शिक्षकों की भारी कमी से पढ़ाई व्यवस्था चरमरा गई है। विद्यालय में स्वीकृत पांच शिक्षकों में से दो डेपुटेशन पर हैं, एक अनफिट हैं। ऐसे में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।

*नियमों को ताक पर रखकर सालों से डेपुटेशन:*
जानकारी के अनुसार, शिक्षक पप्पू रजक वर्ष 2021 में डेपुटेशन पर गए थे और अब तक मध्य विद्यालय दुलमी में वापस नहीं लौटे हैं। हैरानी की बात है कि उनका वेतन भुगतान अभी भी दुलमी स्कूल से ही हो रहा है, जबकि उन्होंने यहां योगदान नहीं दिया है। वहीं, शिक्षक दिनेश नाग वर्ष 2024 में डेपुटेशन पर गए और आज तक वापस नहीं आए।
*3 महीने का डेपुटेशन, सालों से दूसरे स्कूल में:*
शिक्षा विभाग के नियमानुसार किसी शिक्षक को अधिकतम 3 महीने के लिए ही डेपुटेशन पर भेजा जा सकता है। इसके बाद उसे मूल पदस्थापन स्थल पर वापस आना अनिवार्य है। लेकिन दुलमी स्कूल में यह नियम पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। पप्पू रजक पिछले 5 साल से और दिनेश नाग 2 साल से डेपुटेशन पर दूसरे स्कूल में जमे हुए हैं।
*एक शिक्षक अनफिट, दो पर ही पूरा स्कूल:*
विद्यालय में पदस्थापित एक अन्य शिक्षक लंबे समय से बीमारी के कारण अनफिट चल रहे हैं। इस तरह 5 शिक्षकों वाले इस विद्यालय में वर्तमान में केवल 2 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इन्हीं दो शिक्षकों के भरोसे कक्षा 1 से 8 तक के 100 से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई हो रही है। शिक्षकों के अभाव में बच्चों की मूलभूत शिक्षा अधूरी रह गई है और उनका भविष्य अंधकार में जाता दिख रहा है।
*समाजसेवी ने उठाई आवाज:*
समाजसेवी सह पूर्व वार्ड पार्षद गौरांग दत्ता ने शिक्षा की इस बदहाल स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई है। दत्ता ने राज्य के शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “यह कैसी शिक्षा व्यवस्था है जहां सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षकों का अभाव करके स्कूल चलाया जा रहा है? शिक्षक जहां ज्ञान देने के लिए भगवान स्वरूप माने जाते हैं, लेकिन यहां शिक्षकों ने ऐसी क्या सेटिंग कर रखी है कि नियम के मुताबिक 3 महीने का डेपुटेशन सालों तक खिंच रहा है?”
*जांच और कार्रवाई की मांग:*
गौरांग दत्ता ने जिला शिक्षा अधीक्षक से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। डेपुटेशन पर गए दोनों शिक्षकों को तुरंत मूल विद्यालय में योगदान कराया जाए और वेतन निकासी में हुई अनियमितता की भी जांच हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने भी जल्द से जल्द विद्यालय में शिक्षकों की पदस्थापना की मांग की है।
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