

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती नलिनी सिन्हा की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

प्रेस वार्ता को मुख्य अतिथि श्रीमती दयामनी बारला, जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, सरायकेला महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता प्रधान एवं पश्चिम सिंहभूम अध्यक्ष राखी सुलेजा ने संबोधित किया।
मुख्य अतिथि श्रीमती दयामनी बारला ने भाजपा की नीतियों और बयानों पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर भाजपा का रवैया पूरी तरह विरोधाभासी है। एक ओर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण से वंचित रखा जा रहा है।
श्रीमती बारला ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा जिस प्रकार भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि महिलाओं के साथ अन्याय भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून को जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़कर भाजपा ने इसके तत्काल क्रियान्वयन से मुंह मोड़ लिया है। इससे साफ है कि भाजपा की नीयत महिलाओं को 33% आरक्षण देने की नहीं है।
उन्होंने कहा, “अगर भाजपा वास्तव में महिला सशक्तिकरण चाहती तो अधिनियम को तुरंत लागू करती। लेकिन 2024 में कानून पास करके 2029 तक टाल देना, यह महिलाओं के साथ धोखा है।”
जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने ही पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देकर सशक्तिकरण की नींव रखी थी। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में मंईयां सम्मान योजना और फूलो-झानो योजना के जरिए कांग्रेस गठबंधन सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही है।
महिला कांग्रेस ने मांग की कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बिना किसी शर्त के 2026 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाए।
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