

सरायकेला- खरसावां ने अपने 25वें जिला स्थापना दिवस पर एक बार फिर विकास और संकल्प का संदेश दिया। यह सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि जिले के अब तक के सफर और आगे की दिशा का प्रतीक बनकर सामने आया।

शनिवार को आयोजित इस समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रंगारंग कार्यक्रमों ने लोगों को बांधे रखा। पूरे आयोजन में जिले की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रतिभाओं की झलक साफ देखने को मिली।
कार्यक्रम में डीडीसी, सरायकेला एसडीओ, डीटीओ सहित जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, विधायक प्रतिनिधि और पद्माश्री छुटनी महतो तथा चामी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर जिले के 25 साल पूरे होने पर अपनी शुभकामनाएं दीं।
आपको बता दें कि 4 अप्रैल 2001 को सरायकेला-खरसावां को पश्चिम सिंहभूम से अलग कर एक नए जिले के रूप में स्थापित किया गया था। आज यह जिला 25 वर्षों का महत्वपूर्ण सफर पूरा कर चुका है। इस मौके पर डीडीसी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि के क्षेत्र में जिले को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने जिले के समग्र विकास के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे अग्रणी जिला बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि चुनौतियों के बावजूद सरायकेला-खरसावां विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। 25 साल का यह पड़ाव जिले के लिए नई ऊर्जा और नई दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है।
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