
कलियसोल (धनबाद): प्रखंड के पत्थरकुआँ पंचायत अंतर्गत खोखरापहाड़ी (महतो टोला) में सामाजिक बहिष्कार की खबरों को लेकर चल रहा विवाद अब शांत हो गया है। गुरुवार शाम 5 बजे गांव में आयोजित एक विशेष बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि महिला रिंकू महतो या उनके परिवार का किसी भी प्रकार का बहिष्कार नहीं किया गया है।

क्या था पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, करीब तीन-चार साल पहले ‘सोलहआना’ (ग्रामीण समिति) द्वारा चंदा मांगे जाने को लेकर रिंकू महतो का विवाद हुआ था। आर्थिक तंगी के कारण वह निर्धारित राशि नहीं दे पाई थीं, जिस पर ग्रामीणों के साथ कहासुनी हुई थी। हाल ही में, कुछ असामाजिक तत्वों के बहकावे में आकर और मीडिया के एक पक्षीय कवरेज के कारण यह बात फैल गई कि गांव ने महिला का हुक्का-पानी बंद कर दिया है।

बैठक में हुआ दूध का दूध और पानी का पानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्थरकुआँ की मुखिया हीरामुनी टुडू ने अन्य पंचायतों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया। बैठक में मुख्य रूप से:
अशोक महतो (मुखिया, लेदाहरिया)
राकेश मुर्मू (मुखिया, भूरकुंडा)
बालिका मुर्मू (मुखिया, पिंडरा हाट)
सचिन मण्डल (मुखिया, पंचेत बाँदा ईस्ट)
तपन भंडारी (प्रवक्ता, JMM)
इन सभी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में रिंकू महतो और उनकी पुत्री को बुलाया गया। महिला ने स्पष्ट किया कि तीन-चार साल पुरानी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा, “गांव के लोगों ने मेरा कोई बहिष्कार नहीं किया है। कुछ लोगों ने खुद को आम आदमी बताकर मेरा बयान लिया और उसे गलत तरीके से वायरल कर दिया।”
एकता का संदेश
पत्थरकुआँ मुखिया हीरामुनी टुडू ने भी मीडिया पर उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर दिखाने का आरोप लगाया। बैठक के अंत में रिंकू महतो ने गांव में आयोजित बजरंगबली के खिचड़ी कार्यक्रम में ₹500 का योगदान देकर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की और विवाद पर पूर्णविराम लगा दिया।
संवाददाता: नरेश विश्वकर्मा
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