
बोकारो थर्मल:

बोकारो थर्मल क्षेत्र में सीएसआर के तहत निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 75 मरीजों ने भाग लिया। जांच के दौरान 54 मरीजों में मोतियाबिंद (कैटरैक्ट) की समस्या पाई गई, जिनमें से 51 मरीजों का सफल ऑपरेशन रामचंद्र बुराई अस्पताल में कराया गया।

ऑपरेशन के बाद आज उन मरीजों की चश्मे की जांचकी गई। जांच में मरीजों की रिपोर्ट सकारात्मक पाई गई और उनकी आंखों की स्थिति में सुधार देखा गया। इन सभी मरीजों को एक महीने के भीतर निःशुल्क चश्मा प्रदान किया जाएगा।
शिविर में ऐसे मरीज भी पहुंचे जिन्हें मोतियाबिंद नहीं था, लेकिन उन्हें नजदीक या दूर देखने में परेशानी हो रही थी। ऐसे मरीजों को भी इस शिविर के माध्यम से आंखों की जांच कराने का अवसर मिला। इसके अतिरिक्त **25 अन्य मरीजों को भी शिविर में शामिल किया गया , जिन्हें निःशुल्क दवाइयां प्रदान की गईं।
विशेषज्ञों के अनुसार मोतियाबिंद की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जिनमें प्रमुख रूप से 50 वर्ष की आयु के बाद बढ़ती उम्र, पौष्टिक एवं हरी सब्जियों का कम सेवन सहित अन्य कारण शामिल हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 4 फरवरी को भी मोतियाबिंद उपचार के लिए एक नेत्र शिविर लगाया गया था। उसी के क्रम में यह शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सीएसआर पहल के तहत हर वर्ष आयोजित किया जाता है।
इस शिविर का आयोजन नेताजी आई हॉस्पिटल, रामचंद्रपुर, मुराडी, पुरुलिया** के सहयोग से किया गया। शिविर में **सीनियर ऑप्थैल्मिक आई स्पेशलिस्ट डॉ. सुषांता मंडोल की देखरेख में मरीजों की जांच और उपचार किया गया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में पुष्पसेनजीत सेनगुप्ता (कैंप कोऑर्डिनेटर)की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं सीएसआर टीम से **सुष्मिता बरनवाल, रमेश यादव एवं अन्य समन्वयकों** का भी विशेष सहयोग रहा।
**हालांकि, पहले इस कार्यक्रम की सूचना स्टेशन क्लब में आयोजित होने की दी गई थी, लेकिन बाद में इसे सीएसआर कार्यालय में आयोजित किया गया। इस बदलाव की जानकारी न तो मरीजों को समय पर दी गई और न ही पत्रकारों को, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की पूर्व सूचना स्पष्ट रूप से देने और स्थान परिवर्तन की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने पर ध्यान देने की मांग की है।
इस शिविर के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को नेत्र संबंधी समस्याओं की जांच और उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई, जिससे स्थानीय लोगों को काफी लाभ मिला।
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