
आदित्यपुर। अक्षर फाउंडेशन के तत्वावधान में विहंगम योग संत समाज की मातृशक्ति एवं युवाशक्ति के द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल संस्कार के उद्देश्य से सरायकेला खरसांवा जिला के गम्हरिया प्रखण्ड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय धातकीडीह एवं नव प्राथमिक विद्यालय कुमारी भालूबासा में 50 से अधिक बच्चो के बीच पाठ्य सामग्री एवं अन्य उपहारों का वितरण किया गया।
साथ ही इस अवसर पर ‘नेम ट्री – मिशन ग्रीन अर्थ’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। देश का भविष्य हमारे बच्चों में निहित है। उनके लालन-पालन के साथ-साथ उनके चरित्र निर्माण में मातृ-शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
ईश्वर ने सृजन का कार्य और ममता का स्वाभाविक गुण माताओं को प्रदान किया है। इस दैवी आशीर्वाद का सदुपयोग करते हुए हमें न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज के जरूरतमंद बच्चों को भी सही दिशा, उचित शिक्षा और संस्कार देने का निरंतर प्रयास करना चाहिए। सेवा में ही मानव जीवन की सार्थकता है।
केवल अपने लिए जीना जीवन का उद्देश्य नहीं हो सकता। व्यक्ति के विकास से ही देश का विकास और आगे चलकर विश्व कल्याण संभव है। ये विचार अक्षर फाउंडेशन की स्वयंसेविका सुष्मिता पाण्डेय एवं युवा प्रमुख नीरज मिश्रा द्वारा व्यक्त किए गए।प्रचारक नीरज मिश्रा ने बताया कि अक्षर फाउंडेशन, विहंगम योग संस्थान की मातृ-शक्ति द्वारा संचालित सेवा संगठन है, जो बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत है। प्रतिवर्ष विहंगम योग के संत विज्ञान देव जी महाराज के ज्येष्ठ आत्मज अक्षर देव जी के जन्मोत्सव पर 25 फरवरी से देशभर में हजारों जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य सामग्री एवं उपहार वितरित किए जाते हैं।
विहंगम योग संस्थान विगत 100 वर्षों से भी अधिक समय से मानवमात्र के कल्याण हेतु निरंतर सेवा कार्य कर रहा है। विहंगम योग आश्रम का मुख्य साधना केंद्र स्वर्वेद महामंदिर धाम (वाराणसी) देश के प्रमुख साधना केंद्रों में से एक है। संस्थान द्वारा निःशुल्क आवासीय विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान किए जाते हैं और ध्यान अभ्यास पद्धति के जानकारी के लिए जल्द ही इस विद्यालय में भी मेडिटेशन शिविर लगाई जाएगी।
कार्यक्रम के उपरांत उत्क्रमित मध्य विद्यालय धातकीडीह के सहायक आचार्य सेवक लाल प्रामाणिक एवं नव प्राथमिक विद्यालय कुमारी भालूबासा की प्रभारी प्रधानाध्यापक शकुंतला सोरेन ने अक्षर फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विद्यालय के अधिकांश बच्चे समाज के अत्यंत पिछड़े वर्ग से आते हैं। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के लिए सहायक होने के साथ-साथ उनका मनोबल भी बढ़ाते हैं और समाज के प्रति आदर की भावना विकसित करते हैं।
उपहार पाकर बच्चों में ख़ुशी देखी गई। मौके पर युवा संत समाज प्रमुख नीरज मिश्रा, अक्षर फाउंडेशन की स्वयंसेविका सुष्मिता पाण्डेय, पूर्व महिला प्रमुख निर्मला मिश्रा, रीना पाण्डेय, शोभा मिश्रा, रेखा दीदी, अव्यान पांडेय के साथ साथ विद्यालय कमिटी के सदस्य एवं बच्चे उपस्थित थे।
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