
गोविंदपुर: बरियो मोड़ स्थित अल-इकरा शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में रविवार, 01 मार्च 2026 को “Best Out of Waste” विषय पर एक दिवसीय सृजनात्मक कार्यशाला का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में डी.एल.एड., बी.एड. एवं एम.एड. (सत्र 2025-27) के प्रशिक्षुओं ने अपनी कल्पनाशीलता और हुनर का प्रदर्शन किया।

दो चरणों में हुई प्रतियोगिता

कार्यशाला को दो भागों में बांटा गया था। भाग ‘A’ में प्रशिक्षुओं ने व्यक्तिगत रूप से अपनी प्रतिभा दिखाई, वहीं भाग ‘B’ में सामूहिक रूप से प्रोजेक्ट्स तैयार किए गए। प्रशिक्षुओं ने घरेलू कचरे और बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से एक से बढ़कर एक सजावटी और उपयोगी सामान बनाकर सभी को चकित कर दिया।
इन अद्भुत वस्तुओं का हुआ निर्माण
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षुओं ने निम्नलिखित नवाचार पेश किए:
नारियल के छिलके से सुंदर नाइट लैंप।
अंडे के छिलके और बादाम के छिलकों से आकर्षक फोटो फ्रेम।
कार्टन से वर्किंग प्रोजेक्टर और डस्टबिन।
रंगीन चावल से भारत का मानचित्र।
पुराने प्लास्टिक कंटेनर से मिनी ग्रीन हाउस और पुरानी चूड़ियों से सुंदर लटकन।
इसके अलावा समाचार पत्रों के गुलदस्ते, वेलवेट के स्लीपर और कांच के टुकड़ों से बनी सीनरी आकर्षण का केंद्र रही।
विजेता और मार्गदर्शक
व्यक्तिगत श्रेणी (भाग A): तमन्ना, अजमेरी खातून, आशुतोष कुमार एवं सालेहा खातून को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना गया।
सामूहिक श्रेणी (भाग B): मानसी कुमारी, रीना मरांडी, निखत परवीन, खुशी परवीन, नीतू मिंज, तानिया कुमारी, असफा खातून एवं मजहरुल हक के कार्यों की विशेष सराहना हुई।
कार्यशाला का सफल संचालन डॉ. प्रेमशीला पाठक, डॉ. नद्रा रहमान और प्रोफेसर रियाज हुसैन के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर अशरफ अली एवं डॉ. अनवर फातिमा सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक उपस्थित थे।
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