
रिपोर्ट,अरुण कुमार सैनी

केंदुआ। झारखण्ड आंदोलनकारी शहीद नेपाल रवानी का 36 वां शहादत दिवस गोधर नेपाल रवानी चौक पर मनाई गई। कार्यक्रम में सर्व प्रथम उनके परिजन द्वारा नेपाल रवानी के प्रतिमा पर माल्यार्पण की गई तद्पश्चात झामुमो कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य गणों ने श्रधांजलि दी। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए वक्ताओं ने उनकी जीवन की कार्य शैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शहीद नेपाल रवानी धनबाद कोयलांचल में दलितों के आवाज के रूप में जाने जाते थे।

उन्होंने हमेशा जल जंगल जमीन की आवाज उठाते रहे और लोगों को जगाने के लिए बिगुल फूंकते रहे। सूदखोरी और महाजनी प्रथा के विरुद्ध अनेको लड़ाई लड़ी उनके इस आन्दोलन से घबराकर माफियाओं ने सुनियोजित योजना के तहत 25 फरवरी सन 1990 के दशक में उनकी हत्या कर दी। आज नेपाल रवानी हमलोगों के बीच भले ही नही हैं लेकिन उनके द्वारा यहां के जनहित में किये गए संघर्ष को कभी भुलाया नही जा सकता है
और लोगों को उनके बताए गए मार्ग पर चलने की जरूरत है तभी हम झारखण्ड वासियों का जल,जंगल,जमीन बच सकेगा। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित नेपाल रवानी के बड़े भाई झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं झारखण्ड आंदोलनकारी हरिपद रवानी ने कहा कि शहीद नेपाल रवानी का संघर्ष हमेशा जमीन से जुड़ा रहा है वे जब कभी कोई आंदोलन करते थे तब वे हमसे सलाह लेकर ही करते थे उनका आंदोलन शोषण और जुल्म के खिलाफ था।
वे लड़े तो मजदूरों ग्रामीणों रैयतों की हित के लिए लड़े लोगों का रोजगार के लिए लड़े बीसीसीएल पबंधन को खुली चुनौती देकर उन्होंने छोटानागपुर मोटर परिवहन सहयोग समिति का गठन कर लगभग दो सौ लोगों को रोजगार से जोड़ने का काम किया था और जल जंगल जमीन की आवाज को बुलंद करने जैसे कार्य किये। उन्होंने कहा कि आज धनबाद कोयलांचल में दर्जनों रैयतों की भूमि पर आउटसोर्सिंग संचालित है और मनमानी तरीके से खनन कर रही है किंतु रोजगार एक भी रैयतों को नही मिला लोग प्रदूषण का दंश झेल रहे है अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रहने को मजबूर है।बीसीसीएल प्रबंधन कान में तेल डालकर सोए हुए है।
उन्होंने कहा कि हमारी ताकत बटी हुई है समाज के लोग बिखरे हुए है सभी को एक होने की जरूरत है। और उसी एकता की कमी के कारण आज भू माफियाओं के द्वारा हम रैयतों की जमीन लूटी जा रही है।
मौके पर पूर्व मेयर चन्द्र शेखर अग्रवाल,झामुमो जिलाध्यक्ष लखी सोरेन,जिला सचिव जिला उपाध्यक्ष मुकेश सिंह,आकाश रवानी,केंदुआडीह थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय,रमेश टुडू,रतिलाल टुडू,पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो,मन्नू आलम, शंकर रवानी, समीर रवानी, सुधीर रवानी, अमरजीत चंद्रवंशी गुड्डू रवानी, संतोष रवानी ,अजय रवानी, सुनील रवानी, विनोद रवानी ,पिंटू रवानी,बिट्टू रवानी सहित दर्जनों नेता व सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
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