
सरायकेला। मंगलवार की शाम सरायकेला और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आसमान में छाए काले बादलों के साथ हुई तेज बारिश ने जहाँ एक ओर आम जनजीवन को कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं दूसरी ओर बागवानों के चेहरे पर खुशी और चिंता दोनों की लकीरें देखी गईं।
शाम के समय हुई इस अचानक बारिश से बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दफ्तरों से घर लौट रहे लोग और राहगीर बारिश से बचने के लिए यहाँ-वहाँ शरण लेते नजर आए। तेज हवाओं और पानी की वजह से यातायात की रफ्तार भी कुछ देर के लिए धीमी हो गई। निचले इलाकों में हल्के जलजमाव के कारण पैदल चलने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
किसानों के लिए बारिश के मायने
खेती-किसानी के नजरिए से इस बारिश को लेकर स्थानीय लोगों और किसानों की अलग-अलग राय है:
कई अनुभवी बागवानों का मानना है कि आम के पेड़ों पर आए मंजरों के लिए यह बारिश ‘अमृत’ के समान है। बारिश ने मंजरों पर जमी धूल और कीटों को धो दिया है, जिससे परागण (Pollination) की प्रक्रिया बेहतर होने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, कुछ किसानों ने चिंता जताई है कि यदि बारिश के बाद लंबे समय तक नमी बनी रही और तेज धूप नहीं निकली, तो मंजरों में कालापन या फफूंद (Fungicide) लगने का खतरा बढ़ सकता है।
तापमान में आई गिरावट
इस बारिश के बाद तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बीते कुछ दिनों से महसूस की जा रही हल्की तपिश से लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ घंटों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
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