
सरायकेला | सरायकेला नगर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। पुराने बस स्टैंड स्थित भैरव मंदिर से भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात गाजे-बाजे के साथ निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

बाबा भोलेनाथ की इस अनूठी बारात में नंदी, भृकुटी सहित भूत-प्रेत और पिशाचों के स्वांग रचे श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र रहे। बारात बाजे-गाजे की धुन पर झूमते हुए इंद्रटांड़ी, थाना चौक, गैरेज चौक, संजय चौक और गोपबंधु चौक होते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। इसके पश्चात बारात मलिक बांध स्थित चंद्रशेखर मंदिर पहुँची, जहाँ माता पार्वती के साथ विवाह की रस्में संपन्न होनी थीं।

मंदिर परिसर पहुँचने पर उपस्थित महिलाओं ने शंख ध्वनि और आरती के साथ बारात का स्वागत किया। इस दौरान बाबा भोलेनाथ पर पुष्प वर्षा की गई और बारातियों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात, विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह संपन्न कराया गया।
विवाह के दौरान पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों के बीच भारी उत्साह देखा गया और इस शुभ अवसर पर प्रसाद का वितरण भी किया गया।
इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य रूप से:
पंडित गुरु प्रसाद कर, पंडित विजय कुमार कर, पंडित घासीराम सतपथि, पंडित हेरेम्बो महापात्र।
सुशांत महापात्र, भोला महंती, पार्थो सारथी दाश, कुनाल रथ, दिनेश साहू तथा काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थि
त रहे।
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