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इंसाफ नहीं तो इच्छा मृत्यु! सरायकेला में डायन प्रथा पीड़िता की राष्ट्रपति से मार्मिक अपील, एक महीने बाद भी न्याय का इंतज़ार।

Byadmin

Jan 16, 2026

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना अंतर्गत गौरांकोचा से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। डायन प्रथा के नाम पर अमानवीय मारपीट की शिकार 65 वर्षीय विधवा महिला बिजल कालिंदी ने न्याय न मिलने की स्थिति में राष्ट्रपति से सपरिवार ‘इच्छा मृत्यु’ की अनुमति मांगी है। इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अवधेश मुर्मू ने प्रेस वार्ता कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए।

 

घटना की पृष्ठभूमि और पुलिस की सुस्ती

21 दिसंबर की रात बिजल कालिंदी के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट और अमर्यादित व्यवहार किया गया था। घटना को एक माह बीत जाने के बाद भी दोषियों की गिरफ्तारी न होना प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाता है। अवधेश मुर्मू ने कहा कि गरीब और असहाय होने के कारण पीड़िता की सुनवाई नहीं हो रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

गोली मारने की धमकी और खौफ का माहौल

पीड़िता का आरोप है कि उन्हें और उनके बेटे राजेंद्र कालिंदी को लगातार धमकियां मिल रही हैं। कथित रूप से अदीब अंसारी नामक व्यक्ति ने थाने जाने पर बेटे को गोली मारने की धमकी दी है। परिवार इस कदर डरा हुआ है कि वे अपने ही घर में कैद होने को मजबूर हैं।

 

आर-पार की लड़ाई का ऐलान

प्रेस वार्ता के दौरान झारखंड आंदोलनकारी अवधेश मुर्मू ने स्पष्ट किया कि अब बर्दाश्त की सीमा समाप्त हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। यदि समय सीमा के भीतर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो ईचागढ़ थाना का घेराव किया जाएगा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष इस मामले को प्रमुखता से रखा जाएगा।

 

पीड़िता की हृदयविदारक अपील

हाथ जोड़कर आंखों में आंसू लिए बिजल कालिंदी ने कहा— “मैं कहां जाऊं? अगर मुझे इंसाफ नहीं मिला तो मैं राष्ट्रपति से सपरिवार इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगने को मजबूर हूं।”

 

मामले के मुख्य बिंदु (Quick Summary)

विवरण जानकारी

पीड़िता बिजल कालिंदी (65 वर्ष, विधवा), गौरांकोचा

घटना की तिथि 21 दिसंबर 2025

मुख्य आरोप डायन बताकर मारपीट, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी

मांग तत्काल गिरफ्तारी, सुरक्षा और सामाजिक न्याय

चेतावनी 7 दिनों में कार्रवाई न होने पर थाना घेराव

 


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