
(संवाददाता: नरेश विश्वकर्मा)

कलियासोल अंचल कार्यालय के समक्ष शुक्रवार को अंचलाधिकारी की उपस्थिति में विस्थापितों और डीवीसी (DVC) के अधिकारियों के बीच एक त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में मुआवजे को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई, क्योंकि डीवीसी के अधिकारी विस्थापितों को मुआवजे से संबंधित ठोस दस्तावेज नहीं दिखा पाए।

बैठक में कौन-कौन थे शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित थे:
राजनीतिक प्रतिनिधि: झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष लखी सोरेन और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुधांशु शेखर झा।
DVC प्रतिनिधि: सीनियर जी.एम. धर्मेंद्र शर्मा, डी.एम. समरेश कुमार, और मनीष सिंह।
अन्य: अंचलाधिकारी (CO) और विस्थापित प्रतिनिधि।
अंचलाधिकारी के निर्देश
डीवीसी अधिकारियों द्वारा मुआवजे की ठोस कागजात प्रस्तुत न कर पाने के कारण, अंचलाधिकारी ने मामले को आगे बढ़ाने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:
ठोस कागजात: डीवीसी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जो भी मुआवजे की बात कर रहे हैं, उसके ठोस कागजातों के साथ विस्थापितों को संतुष्ट करें।
मापी और चिह्नांकन: बाँदा मौजा से एक सप्ताह के अंदर ज़मीनों की मापी कराकर रैयत (मूल मालिक), डीवीसी की जमीन और विस्थापितों की जमीन का चिह्नांकन करें।
दस्तावेज जमा करना: विस्थापितों को भी अपनी जमीन संबंधित कागजातों को अंचल अधिकारी के यहाँ समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में विस्थापितों की ओर से मुख्तार अंसारी, साधन दा, बासु महतो, बिपलब मरांडी, पोरेस मरांडी, राजेश टुडू, पुतुल गोराई, फैजल अंसारी सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
