
रिपोर्ट:- संजय चौहान


धनबाद: कतरास में हाल ही में हुए भू-धंसान हादसे और आउटसोर्सिंग कंपनी की सर्विस वैन के खाई में गिरने की घटना ने एक बार फिर अवैध कोयला उत्खनन के मुद्दे को हवा दे दी है। इस घटना के बाद, पूर्व बियाडा अध्यक्ष और समाजसेवी विजय कुमार झा ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए ‘CISF हटाओ-BCCL बचाओ’ की मांग उठाई है, ताकि देश की इस बहुमूल्य संपत्ति को बचाया जा सके।

विजय कुमार झा ने बताया कि 5 सितंबर को जिस दिन यह हादसा हुआ था, उस जगह पर कोयले से भरी हुई बोरियां देखी गई थीं, लेकिन अगले ही दिन वे सारी बोरियां रहस्यमय तरीके से गायब हो गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि रातों-रात इन बोरियों को किसने गायब किया और इस काम में कौन-कौन शामिल था? उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की सही जांच हो तो CISF की भूमिका उजागर हो जाएगी। झा ने आरोप लगाया कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो ऐसी संस्था की जरूरत ही क्या है?
उन्होंने एक बड़ा सवाल उठाया कि टाटा की कोलियरियों में एक भी CISF जवान नहीं है, फिर भी वहां कोयले की चोरी नहीं होती, जबकि BCCL की कोलियरियों से खुलेआम चोरी होती है। उन्होंने कहा कि अगर घटना स्थल पर कोयले से भरी बोरियां मिली थीं, तो यह साफ है कि आसपास के इलाकों में अवैध उत्खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है।
विजय झा ने ‘द न्यूजपोस्ट’ से बात करते हुए कहा कि कोयला चोरी को रोकना कोई मुश्किल काम नहीं है, इसके लिए सिर्फ इच्छाशक्ति की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए कुछ आसान सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि BCCL अपने सभी 12 एरिया में ड्रोन कैमरे से निगरानी कर सकता है, जिससे अवैध उत्खनन की जगह का पता लगाया जा सके। फिर जब चोर बोरियों में कोयला भरकर ले जाने की तैयारी कर रहे हों, तो CISF की टीम जाकर उन्हें पकड़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा सिर्फ 15 दिन तक लगातार किया जाए तो कोयला चोरों की कमर टूट जाएगी, क्योंकि उन्हें अवैध उत्खनन करने वाले मजदूरों को पैसे देने पड़ते हैं।
अगर प्रशासन यह भी नहीं करना चाहता, तो चोरी के कोयले से भरे ट्रकों की रेकी कर पता लगाया जाए कि कोयला कहां अनलोड होता है। इसके बाद, कोयला खरीदने वालों को आरोपी बनाकर कानूनी कार्रवाई की जाए। कुछ मुकदमे होने के बाद, खरीदने वाले भी डर जाएंगे, जिससे चोरी खुद-ब-खुद रुक जाएगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन ट्रकों में जीपीएस नहीं है, उन्हें पुलिस जब्त कर ले।
विजय झा ने इस बात पर भी जोर दिया कि कतरास शहर सिर्फ पिलरों पर टिका हुआ है और उन पिलरों की भी अवैध कटाई हो रही है। अगर इसे नहीं रोका गया तो भविष्य में शहर के धंसने का खतरा है।
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