
बिरेंद्र गिरी, पत्रकार

धनबाद में खाद्य सुरक्षा योजना का दुरुपयोग अब बीते दिनों की बात होने जा रही है। बाघमारा से लेकर टुंडी तक, राशन कार्डधारकों की सच्चाई अब सरकार के डिजिटल चश्मे से साफ दिखने लगी है।

23271 राशन कार्ड रद्द
ई-केवाईसी और आधार सीडिंग ने पोल खोल दी जिनके पास चार पहिया गाड़ी है, जिनके पास दो एकड़ से ज़्यादा जमीन, फ्रिज, एसी, लाइसेंसी हथियार या परिवार में कोई सरकारी नौकरी कर रहा है। ऐसे लोगों का हकदार बनकर राशन उठाना अब भारी पड़ेगा।
अगस्त से जुर्माना तय
राज्य सरकार ने साफ संकेत दे दिया है अब सिर्फ़ कार्ड रद्द नहीं, अगस्त के बाद जुर्माना भी लगेगा। जिन्होंने महीनों से राशन नहीं उठाया, या जिनकी वार्षिक आय शहरी क्षेत्रों में ₹3 लाख और ग्रामीण में ₹2 लाख से ज़्यादा है, उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है। नई सॉफ्टवेयर प्रणाली से खातों, जमीन और खर्च की जानकारी जोड़ दी गई है। अब कोई भी लाभुक सरकार की नजरों से बच नहीं सकता।
प्रखंडवार रद्द कार्ड के आंकड़े कुछ यूं हैं
धनबाद नगर निगम: 7967
बाघमारा: 2873
निरसा: 4587
गोबिंदपुर: 3369
तोपचांची: 1613 सहित अन्य प्रखंडों में में भी राशन कार्ड रद्द किये गये है
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