
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी : बराकर शहर के बलतोड़िया स्थित गणेश मैदान से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा को लेकर गुरुवार को कलश यात्रा निकाली गई। रेल क्वार्टर के

रास्ते निकली कलश यात्रा में 151 महिलाओ ने हिस्सा लिया। जो मद्रासी पाड़ा होते हुए बराकर नदी तट तक पैदल गई। जहा मंदिर में कलश का विधि-विधान पूर्वक पूजा-पाठ की गई और वापस गंतव्य स्थान तक आइ।

प्रथम दिन मुख्य जजमान अभिनाष कुमार ताती और उनकी धर्म पत्नी पूजा देवी ने श्रीमद्भागवत को सिर पर लाकर व्यासपीठ पर स्थापित किया। जहा मथुरा-वृंदावन से आए कथा वाचक युगल किशोर जी ने श्रीमद्भागवत की आरती की ओर धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किया।
इस दौरान कथा वाचक युगल किशोर जी ने कहा कि सनातन धर्म में श्रीमद्भागवत गीता का प्रमुख स्थान हैं। यह ज्ञान का सागर हैं। जितनी बार सुनेंगे उतनी बार कुछ नयापन मिलेगा। श्रीमद्भागवत गीता सुनने से जीवन का आधार हैं। इस से आंतरिक सुख का अनुभव होता हैं। जीवन को कैसे व्यतीत किया जाता हैं, श्रीमद्भागवत गीता में सभी बातें बताई गई हैं।
इस मौके पर आयोजक कमेटी के नीरज चौहान, कुंदन धाढ़ी, अजित ताती, बबलू राम, अमर कुमार ताती, मुकूल मडंल, श्रीराम सिंह, जयप्रकाश रवानी, राकेश गुप्ता, विकास राम समेत बड़ी संख्या में महिलाए उपस्थित थी।
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