
बिहार, जो अक्सर अपनी बाढ़ की चुनौतियों से जूझता रहता है, खासकर कोसी नदी के कहर से, उसके लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब कोसी नदी की विनाशकारी बाढ़ से बचाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जाएगी और एक नया, आधुनिक वार्निंग सिस्टम लागू किया गया है। यह पहल बिहार सरकार और जल संसाधन विभाग द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य बाढ़ के पूर्वानुमान को अधिक सटीक और समय पर बनाना है, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।

कोसी नदी, जिसे ‘बिहार का शोक’ भी कहा जाता है, हर साल मानसून के दौरान अपने उग्र रूप से बड़े पैमाने पर तबाही मचाती है। इस नई प्रणाली के तहत, AI तकनीक उपग्रह इमेजरी, मौसम के पैटर्न, नदी के जल स्तर और पिछले वर्षों के बाढ़ डेटा का विश्लेषण करेगी।

यह डेटा-संचालित दृष्टिकोण बाढ़ की संभावनाओं का कहीं अधिक सटीक आकलन करने में मदद करेगा, जिससे अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में समय से पहले चेतावनी जारी करने और निकासी योजनाएं बनाने का पर्याप्त समय मिल सकेगा।
यह AI-आधारित वार्निंग सिस्टम न केवल नदी के बढ़ते जल स्तर की निगरानी करेगा बल्कि मिट्टी की नमी, वर्षा की तीव्रता और यहां तक कि बांधों पर संभावित दबाव जैसे विभिन्न कारकों का भी आकलन करेगा। इससे प्राप्त होने वाली विस्तृत और त्वरित जानकारी राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगी और आपदा प्रबंधन टीमों को पहले से तैयार रहने में मदद मिलेगी। इस अत्याधुनिक प्रणाली के माध्यम से, बिहार सरकार कोसी के कहर से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जिससे राज्य के लाखों लोगों के जीवन और आजीविका को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
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