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विजयोत्सव दिवस पर राजकमल में याद किए गए वीर कुंवर सिंह शेक्सपियर की 409वीं जयंती भी मनाई गई।

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Apr 23, 2025

 

धनबाद।राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद में बुधवार को बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव पर सभा आयोजित की गई जिसमें लगभग 4000 की संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। साथ ही साथ शेक्सपियर की 409वीं जयंती भी मनाई गई। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य सुमंत कुमार मिश्रा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबू वीर कुमार सिंह वीरता के प्रति मूर्ति थे ।

 

उन्होंने 80 वर्ष की उम्र में भी अंग्रेजों के दांत खट्टे किए। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नेता वीर कुंवर सिंह के पास लड़ाकू वीरों की संख्या कम थी बावजूद इसके उन्होंने आरा जगदीशपुर रियासत से ईस्ट इंडिया कंपनी के झंडे उखाड़ दिए। उनकी जीवनी से हमें साहसी एवं देशभक्त बनने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर छात्र आरव गौतम ,नमन टॉक ,रक्षित पांडे एवं देव ने अपने विचार व्यक्त किया ।मंच का संचालन हिंदी के शिक्षक राकेश कुमार मिश्रा ने किया। प्राचार्य सुमंत कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को शेक्सपियर की 409 वीं जयंती पर अपने उद्गार व्यक्त किए ।

 

उन्होंने कहा कि शेक्सपियर को अंग्रेजी साहित्य की धूरी माना जाता है। उनकी रचनाएं सार्वदेशिक एवं सार्वकालिक हैं ।जिसने भी शेक्सपियर को पढ़ा है वे जानते हैं कि उनकी रचनाओं में जीवंतता होती है। अंग्रेजी के शिक्षक गिरधर कुमार मिश्रा,शिक्षिका शरद लक्ष्मी बनर्जी एवं वृष्टि मुखर्जी ने शेक्सपियर पर अपने विचार व्यक्त किया मौके पर उपप्राचार्य मनोज कुमार उप प्राचार्या लीला सिंह, प्रभारी प्रतिमा चौबे ,कमल नयन, पार्थ सारथी सरकार ,सुमोना दीक्षित, छंदा बनर्जी उपस्थित थे।


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