
लखीसराय – बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए नागरिक संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जा जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के सहयोगी संगठन विकासार्थ ट्रस्ट ने धूमधाम से संगठन का स्थापना दिवस मनाया। बच्चों के खिलाफ अपराधों के खात्मे के लिए देश के 400 से भी ज्यादा जिलों में जमीनी स्तर पर काम कर रहे जीआरसी के 250 भी ज्यादा सहयोगी संगठनों ने इस मौके पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर बाल अधिकारों के संरक्षण की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस मौके पर एक कार्यक्रम में विकासार्थ ट्रस्ट ने ऐसे भविष्य और दुनिया के निर्माण का संकल्प लिया जहां बच्चों के लिए अवसरों का अनंत आकाश हो और वे शोषण और उत्पीड़न से मुक्त हो। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने में मात्र 2 वर्षों में बेहद अहम भूमिका निभाई है और यह पूरे विश्व में बच्चों की कानूनी सुरक्षा के लिए अग्रणी संगठन के तौर पर उभर कर सामने आया है। अकेले 2023 – 2024 में ही (जेआरसी) के सहयोगी संगठनों ने 60 हजार से अधिक बच्चों को मुक्त कराया और 30,000 से ज्यादा नियोक्ताओं और ट्रैफिकर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जो विश्व में अतुलनीय और अभूतपूर्व है। इस मौके पर प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा अगर आज हम अपने बच्चों की सुरक्षा में विफल रहते हैं तो कल हम कुछ भी करें वह बेमानी है। पीड़ितों के पुनर्वास और दोषियों को सजा देकर ही कानून के डर को बनाए रखा जा सकता है इस वर्ष हमारा लक्ष्य मुकदमे की प्रक्रिया को दोषसिद्धि के अंजाम तक पहुंचाने का है क्योंकि सिर्फ कानून का डंडा ही उत्पीड़कों में खौफ पैदा कर सकता है जिससे बच्चों के खिलाफ हिंसा और अपराधों की रोकथाम में सहायता मिलेगी। (जीआरसी) के सहयोगी संगठनों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने बच्चों के सुरक्षा के अपने संकल्प को दोहराते हुए जीआरसी के अतुलनीय प्रयासों की प्रशंसा की जिसने भारत सरकार के ‘ बाल विवाह मुक्त भारत’ और नेपाल सरकार के ‘ चाइल्ड मैरेज फ्री नेपाल’ अभियान का पुरजोर समर्थन किया। जेआरसी ने पिछले वर्ष 30 से ज्यादा देशों में बाल विवाह मुक्त विश्व कार्यक्रम आयोजित किए है और अकेले भारत में 2.5 लाख से ज्यादा बाल विवाह रुकवाए हैं। बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के योगदान को रेखांकित करते हुए लखीसराय में इसके सहयोगी संगठन विकासार्थ ट्रस्ट की सचिव सुनीता सिंह ने कहा “मैं देश और दुनिया में सभी बाल अधिकार कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहती हूं जो जेआरसी के साथ एक परिवार की तरह बच्चों के भविष्य की बेहतरी के अनथक प्रयास कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर अब तक की सबसे अभूतपूर्व लाभबंदी के जरिए हम एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रहे हैं जहां हर बच्चा सुरक्षित हो। साथ मिलकर हमने कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जवाबदेही तय करने, नीतियों और कानूनों में बदलाव, संस्थाओं में पारदर्शिता और जिन बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत है उनके लिए न्याय सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है।”

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