
संवाद सूत्र, जागरण, मेसकौर (नवादा):-नवादा जिला के मेसकौर प्रखंड क्षेत्र के बीजू बीघा बाजार स्थित तिलैया नदी तट के किनारे लठिया घाट के समीप शिव मंदिर परिसर में शिव भक्तों के सहयोग से मंगलवार को शिव चर्चा का आयोजन किया गया। जहां बड़ी संख्या में-दूर दराज से आए शिव भक्तों के द्वारा भव्य शिव चर्चा व भजन प्रस्तुत किया गया। जहां उपस्थित लोगों ने भक्ति भाव से झूम उठे। सभी शिव वक्ताओं के द्वारा चर्चा करने के उपरत कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य वक्ता मनोज कुमार मंटू उर्फ मंटू भैया ने कहा कि भगवान भोलेनाथ देवों के देव महादेव हैं। शिव की गुरु स्वरूप की चर्चा में आज हमलोग एकत्रित हुए हैं। प्राचीन इतिहास में कोई धर्म नहीं था किताबों में कहा गया है कि अगर धर्म अलग होता है सभी का सूर्य भी अलग होता, चंद्रमा भी अलग होता। हालांकि आज मां और बेटा बट गया, पति और पत्नी बट गए। परंतु हम सभी की आत्मा एक है।सभी को एक दिन इस लोक से जाना है और धन, दौलत और शोहरत सभी यही रह जाएगा।शिव मंदिर में नही है, शिव आपके आत्मा में है। सभी के शरीर में शिव व्याप्त है अगबती जलाने, नारियल फोड़ने से शिव नहीं मिलते हैं। शिव को अपने आत्मा से स्मरण कीजिए। शिव के भक्त बनने के लिए शाकाहारी व मांसाहारी होना आवश्यक नहीं है। मांसाहारी, शाकाहारी सभी लोग शिव से दया मांग सकते हैं।धरती पर महामारी आने लगी, बाढ़ आने लगे इससे बचाव के लिए लोग शिव को भजने लगे। क्योंकि शिव कल्याण कारी है।कोरोना जैसे महामारी को भी हम लोगों ने झेला है।उस महामारी में भी हम सभी शिव शिष्य सुरक्षित है। यही शिव की महिमा है। इसलिए शिव को गुरु जरूर बनाएं।मृत्युलोक का स्वरूप बदल रहा है अभी तक लगभग 10 करोड़ लोग शिव को गुरु मान चुके हैं।कार्यक्रम के मुख्य आयोजक कर्ता महेश्वर प्रसाद, शिवशंकर प्रसाद, रेनू देवी, सुनीता देवी ने बताया कि इस सभा में लगभग चार से पांच हजार शिव भक्त उपस्थित होकर शिव की महिमा का व्याख्या के साथ-साथ भजन किया।

There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
