
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया में पुलिस एनकाउंटर में सुशील मोची मारा गया है. उस पर डकैती और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज थे. पुलिस ने उस पर इनाम पर घोषित कर रखा था. बिहार के अलावे झारखंड और बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में भी उसका आतंक था. ये एनकाउंटर जिले के बायसी थाना क्षेत्र के ताराबाड़ी में हुआ है.

कुख्यात सुशील मोची एनकाउंटर में ढेर:

पूर्णिया के एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुशील मोची किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए बौसी थाना क्षेत्र के ताराबाड़ी गांव आया हुआ है. जिसके बाद एसटीएफ की मदद से पूर्णिया पुलिस छापेमारी करने के लिए पहुंची. जहां पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ गोली लगने से सुशील की मौत हो गई.
कई मामलों में थी सुशील की तलाश:
पुलिस ने मौत के बाद घटनास्थल के आसपास को सील कर दिया गया है और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमोर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है. एसपी ने बताया कि सुशील मोची कुछ दिन पहले ही पूर्णिया सेंट्रल जेल से बाहर निकला था. उन्होंने बताया कि डकैती समेत कई मामलों में उसकी तलाश थी.
“सुशील मोची यहां का कुख्यात अपराधी रहा है. अपने गिरोह के साथ ये पूर्णिया-कटिहार और किशनगंज के अलावे बंगाल और अन्य जगहों पर भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था. कई मामलों में इसकी तलाश थी. इसके पास से कार्बाइन और देसी पिस्टल बरामद हुआ है” – कार्तिकेय शर्मा, पुलिस अधीक्षक, पूर्णिया
2 लाख का इनामी बदमाश था सुशील मोची :
सुशील मोची के ऊपर तीन जिलों की पुलिस का कुल 2 लाख रुपए इनाम घोषित था. जिसमें यह पूर्णिया में 1 लाख, किशनगंज और कटिहार में 50-50 हजार रुपए का इनामी अपराधी घोषित था. सुशील मोची के बारे में कहा जाता रहा है कि ये हाल ही में वांटेड अपराधी बाबर का चेला था.
कुछ दिन पहले पत्नी हुई थी गिरफ्तार: कटिहार जेल में बंद होने के बाद भी सोना लूटकांड के मुख्य आरोपी सुशील मोची ने अमौर थानाक्षेत्र के खाड़ी महीनगांव के मुखिया साबिर आलम के घर हुई डकैती कांड में साजिश रची थी. पुलिस ने डकैती में शामिल अमौर के असद मदनी और सुशील मोची की पत्नी पूनम देवी को डकैती में लूटी गई राशि और अन्य सामानों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
इनामी अपराधी था सुशील मोची:
एसपी ने ये भी बताया कि पिछले दिनों पूर्णिया के अमौर में पुलिस के साथ एनकाउंटर में जो बाबर मारा गया था, सुशील मोची उसका गुरु था. उन्होंने बताया कि सीमांचल सहित बिहार और पश्चिम बंगाल में भी उसका आतंक था. गिरोह के साथ वह लूटकांड और अन्य वारदातों को अंजाम देता था. उस पर पुलिस ने इनाम भी घोषित कर रखा था. डकैती और आर्म्स एक्ट के कई मामले उस पर दर्ज थे.
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