
गया: बोधगया में रविवार को केंद्रीय मंत्री सह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने शंभू बोर्डर से किसानों के दिल्ली कूच के सवाल पर कहा कि किसानों का यह ढोंग है और यह राजनीति से प्रेरित है. ऐसी राजनीति नहीं होनी चाहिए. उनकी समस्या सुनी जाएगी और निराकरण करेंगे, लेकिन वह लोग राजनीति कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि मार्च करने की जरूरत नहीं है.
समस्याओं का होगा निराकरण: जीतन राम मांझी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार प्रतिबद्ध हर तरह से किसानों के अधिकार दिलाने के लिए हैं. पीएम तो किसानों की बात सुनने के लिए तैयार हैं. वह तो कह रहे हैं पांच की संख्या में प्रतिनिधि मंडल आए, आपकी समस्या सुनी जाएगी और निराकरण करेंगे. उन्होंने कहा कि मैं किसानों के दिल्ली कूच का समर्थन नहीं करते हैं. अगर मिलेंगे तो समस्या का समाधान होगा. ऐसे में अगर उन्हें राजनिति करना है तो वह स्वतंत्र है.

“नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों के लिए प्रतिबद्ध है. हर तरह से किसानों के उपज का दोगुना पैसा दिलाना चाह रही है. हर तरह की सुविधा है और किसानों की बात सुनने को सरकार तैयार है. चार से पांच की संख्या में प्रतिनिधि आएं. उनकी समस्या को वे सुनेंगे. अगर समस्या का समाधान कराना है तो मिलें. समस्या का समाधान होगा. अगर राजनीति करनी है तो स्वतंत्र हैं.”- जीतनराम मांझी, केंद्रीय मंत्री

पढ़े लिखे नहीं हैं इसलिए ज्ञान नहीं है: जीतन राम मांझी ने इस अवसर पर बिहार विधानसभा विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी तंज कसते हुए कहा कि यात्रा करने का सबको अधिकार है, लेकिन वह कौन यात्रा कर रहे हैं यह भी बताएं. पिताजी के समय में जो यहां हिसाब था उसी हिसाब को पुनः लाना चाहते हैं क्या? यहां दिन-रात लोग असुरक्षित महसूस करते थे. अब हालत बदली है फिर से वही स्थिति करना चाहते हैं.
क्रेडिट लेना बंद करें तेजस्वी: तेजस्वी यादव झूठ बोलते रहते हैं कि हम इतना काम कर दिया, इतनी बहाली कर दी, लेकिन क्या उन्हें संविधान का ज्ञान नहीं है. यह भी बात सही है कि वह तो पढ़े-लिखे नहीं है तो संविधान का ज्ञान कहां से होगा. उपमुख्यमंत्री को कोई अधिकार होता है, जो करता है मुख्यमंत्री करता है जो भी उस समय किया गया है वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया है. उसका आज वह क्रेडिट लेना चाहते हैं. इसीलिए हम कहते हैं कि ज्ञान नहीं है.
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